फोटो 2ए- बैरियर चौराहे के दूसरे तरफ लगाई गई शटरिंग।

-अब बैरियर से न्यू हाउसिंग बोर्ड की तरफ शुरू होगा काम

-ट्रैफिक के लिए मिलेगी सिर्फ सिंगल सर्विस लेन

मुरैना। फ्लाई ओवर निर्माण के तहत अब तक सारा निर्माण कार्य बैरियर चौराहे से काका ढाबा तिराहे तक चल रहा था। लेकिन अब यह काम बैरियर चौराहे से न्यू हाउसिंग बोर्ड तक के हिस्से में शुरू होगा। यहां ब्लॉक लगाकर अंदर मिट्टी का भराव किया जाएगा। इसके लिए शटरिंग लगाकर सर्विस लेन को अलग कर दिया गया है। यानी अब इस हिस्से में भी लोगों को जाम काम का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अधिकारी इसके लिए पूरी तैयार कर लिया जाने की बात कह रहे हैं।

करीब एक किमी लंबे फ्लाई ओवर की ड्राइंग के हिसाब से पुल के दोनों ओर 300-300 मीटर की एप्रोच बनाई जानी है। इसके तहत दोनों तरफ मजबूत ब्लॉक की दीवारें उठाई जाती हैं, जिसके भीतर परत दर परत मिट्टी और गिट्टी का ठोस भराव होता है। पुल में बैरियर चौराहे से लेकर केएस चौराहे तक पिलर बनाए गए हैं। केएस चौराहे से काका ढाबा तिराहे तक और बैरियर चौराहे से न्यू हाउसिंग बोर्ड की तरफ 300-300 मीटर की एप्रोच बनाई जानी है। इसमें से केएस चौराहे की तरफ एप्रोच बनाने का काम निर्माण कंपनी कर चुकी है। अब कंपनी न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की तरफ एप्रोच रोड बनाने में जुटी है।

जाम की समस्या बढ़ेगी

पुल के दूसरे हिस्से को जाम आदि की समस्या से बचने के लिए छोड़ दिया गया था। लेकिन जैसे-जैसे पुल निर्माण का काम पूरा होने को है, वैसे-वैसे इस काम का होना अनिवार्य होता जा रहा है। यही वजह है कि अब 300 मीटर अधिक लंबाई में शटरिंग लगाकर सर्विस लेन को वाहनों के लिए आरक्षित किया गया है। ऐसे में अब पुलिस के लिए इस बढ़े हुए हिस्से में ट्रैफिक कंट्रोल करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।

पहले ही बना दी गई है सर्विस लेन

निर्माण कंपनी को अच्छी तरह से मालूम है कि सर्विस लेन पर वाहनों का दबाव बढ़ेगा। इसलिए कंपनी ने फिलहाल बैरियर से राजपूत होटल के सामने तक 300 मीटर लंबाई में दोनों तरफ की सर्विस लेन को दुरुस्त कर दिया है। लेकिन वाहनों के वजन के सामने इस सर्विस लेन कब तक टिक पाएगी, यह कहा नहीं जा सकता।

कथन

एप्रोच के लिए भराव कार्य होना है। यही वजह है कि बैरियर से ग्वालियर की ओर शटरिंग लगाकर सर्विस लेन को सेपरेट किया गया है। इस तरफ यह हिस्सा सिर्फ 300 मीटर का है। इसलिए वाहनों को गुजरने में कोई परेशानी नहीं होगी।

मनोज जैन, तकनीकी प्रबंधक एनएचएआई ग्वालियर

Posted By: Nai Dunia News Network