फोटो 5ए- जीवाजीगंज में खड़े ट्रैक्टर।

-कृषि मंडी में शिफ्टिंग की थी योजना

-गोदामों के कारण आते हैं ट्रक और ट्रैक्टर

मुरैना। शहर के जीवाजीगंज इलाके में संचालित खाद गोदामों और दुकानों के कारण यहां भारी वाहनों और किसानों के ट्रैक्टरों का आना जाना होता है। इस दौरान यहां लगने वाले जाम और लोगों को होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इन गोदामों को यहां से शिफ्ट करने की योजना बनाई थी। गोदामों को कृषि मंडी में स्थानांतरित किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके चलते खाद की रैक आने पर दिन के समय यहां भारी वाहनों को आने की अनुमति मजबूरन प्रशासन को देनी पड़ती है।

खेतों में खाद की आवश्यकता होने पर किसान ट्रैक्टर लेकर शहर की तरफ आता है। शहर की खाद विक्रय की दुकान और गोदाम जीवाजी गंज में ही स्थित हैं। यहां बीज की भी सबसे ज्यादा दुकानें हैं। ऐसे में किसान ट्रैक्टरों के लिए प्रतिबंधित सड़क मार्गों से होते हुए अपने ट्रैक्टर जीवाजी गंज में लाते हैं और यहां से खाद लादकर ले जाते हैं। लेकिन जीवाजी गंज में ट्रैक्टरों के हिसाब से पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है। यही वजह है कि किसान यहां की मुख्य सड़क के दोनों और ट्रैक्टर खड़ा कर देते हैं और फिर यहां से दोपहिया वाहन सवारों का भी गुजरना मुश्किल हो जाता है।

यह बनाई थी योजना

नगर निगम ने मंडी बोर्ड और प्रशासन ने बातचीत करके जो योजना बनाई थी। उसके तहत इन गोदामों को कृषि उपज मंडी में शिफ्ट किया जाना था। ताकि किसान सीधे अपने ट्रैक्टर उपज मंडी में ले जाएं और खाद आदि लेकर वापस लौट जाएं। इससे जीवाजी गंज इलाके को भारी वाहनों और ट्रैक्टरों से राहत मिल सकती थी।

खाद आने पर ट्रकों को विशेष अनुमति

अंचल में आने वाली खाद की रैक से खाद गोदामों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन को अलग से ट्रकों को जीवाजी गंज तक आने की अनुमति देनी होती है। क्योंकि शहर में सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। इसके अलावा एमएस रोड पर ट्रैक्टरों का आना भी प्रतिबंधित है। लेकिन मामला किसानों से जुड़ा होने के कारण किसानों को भी यहां आने से नहीं रोका जाता।

Posted By: Nai Dunia News Network