फोटो 11ए। नवजात की मौत के बाद प्रसूता के पास बैठी सास।

11 बी। मेटरनिटी परिसर में आक्रोशित परिजन।

मुरैना। जिला अस्पताल की मेटरनिटी में शुक्रवार को एक महिला को प्रसव हुआ। डॉक्टर के अनुसार बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चे को स्टाफ ने गिरा दिया है, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि परिजनों ने नवजात की अंत्येष्टि सांक नदी पर कर दी। डॉक्टरों का कहना था कि बच्चा पेट में ही मर चुका था और सड़ना शुरू हो गया था।

घटनाक्रम के मुताबिक किशनपुर माधौपुरा निवासी 24 वर्षीय मनीषा पत्नी अरुण बंसल को गुरुवार रात को जिला अस्पताल की मेटरनिटी में भर्ती कराया गया था। महिला की सास पुष्पा ने बताया रात में कई बार डॉक्टरों ने उसका चेकअप भी किया। रात करीब तीन बजे जब अधिक दर्द हुआ तो स्टाफ उसे लेबर रूम में प्रसव के लिए ले गया। तभी स्टाफ ने कहा कि आप कपड़े ले आओ। मैं कपड़े लेने गई और लौट कर पहुंची तो बच्चा बाल्टी में पड़ा हुआ था और मरा हुआ था। नर्स बच्चे को संभाल नहीं पाई और वह गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में उसे पोंछ कर दिया और एसएनसीयू में भेजा, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद नर्सों ने एक फार्म पर उसका जबरदस्ती अंगूठा लगवा लिया और बच्चा दे दिया। इसके बाद काफी देर तक मेटरनिटी में हंगामा हुआ। कोतवाली से पुलिस को भी बुला लिया गया। लेकिन डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि बच्चा पेट में ही मर चुका था और सड़ रहा था। यही वजह थी कि बाहर आने के बाद उसके शरीर से त्वचा निकल रही थी। काफी मुश्किल से परिजन माने। इस संबंध में सीएस डॉ. अशोक गुप्ता ने बताया कि बच्चा पेट में ही मर गया था और सड़ गया था। प्रसव के बाद बच्चे के ऊपर से खाल खिसक रही थी, लेकिन परिजन इस बात को समझ नहीं रहे थे। काफी मुश्किल से उन्हें समझाया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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