Morena Poisonous Liquor Case: मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिस जहरीली शराब से 21 जान चली गईं, उस शराब और उसमें उपयोग होने वाले केमिकलों तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच पा रही थी, लेकिन बुधवार को छैरा गांव के युवाओं की मदद से पुलिस व आबकारी टीम ने कार्रवाई करते हुए दो घंटे में ही पांच जगहों पर नकली शराब एवं उसे बनाने वाले केमिकल का जखीरा पकड़ा है। इतना ही नहीं शराब की पेकिंग करने वाली मशीन तक पुलिस के हाथ लगी है।

जहरीली शराब से जान गंवाने वाले मानपुर पृथ्वी गांव के 4 लोगों के शवों को रखकर ग्रामीण चक्काजाम कर रहे थे, तभी नरेश किरार नाम का युवक आया जो पुलिस टीम को करीब ढाई किलोमीटर दूर एक सरसों के खेत में लग गया, जहां एक थैले में शराब के 33 क्वार्टर मिले।

एसडीओपी एसवीएस रघुवंशी की अगुआई में इन क्वार्टर को जब्त करके पुलिस टीम लौट ही रही थी कि छैरा गांव के उस मैदान में जहां मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं की सभाएं होती हैं वहां बाजरे की करब के नीचे तीन जगहों पर दबी हुए 978 नकली शराब के क्वार्टर, 1000 से ज्यादा खाली बोतलें और 70 रेफर मिले। इसके कुछ देर बाद डीआइजी राजेश हिंगड़कर मानपुर पृथ्वी गांव के लिए जा रहे थे तब कुछ ग्रामीणों ने उन तक सूचना पहुंचाई कि एक खेत में ओपी केमिकल के ड्रम रखे हुए हैं।

इस सूचना पर पुलिस ने छैरा गांव में सड़क किनारे आंगनबाड़ी केंद्र के पीछे खेतों में ओपी केमिकल के 12 केन, जिनमें 500 लीटर ओपी केमिकल था और पास ही शराब बोतल पैक करने वाली मशीन भी मिली। इसके बाद ग्रामीणों की सूचना पर एक और सरसों के खेत में दबिश दी गई तो वहां 40 पेटी शराब, 4000 खाली बोतलें, एक पेकिंग मशीन और एक बोरी में बोतलों के ढक्कन जब्त हुए हैं। इसके बाद पुलिस खेतों से लेकर खलिहानों तक तलाशी में जुट गई है।

चार घंटे लगा रहा जाम, दूसरे रास्तों से निकले वाहन

बुधवार की दोपहर मानपुर पृथ्वी और छैरा गांव के ग्रामीणों ने जहरीली शराब पीने के बाद जान गंवाने वाले दीपेश किरार, दीपेश किरार, कमल किरार और रामजीलाल राठौर और कमल किशोर के शवों को रखकर एमएस हाइवे पर जाम लगा दिया। दोपहर 1ः30 बजे से जाम लगाकर ग्रामीणों ने अपनी मांगें रखीं। छैरा की शराब दुकान बंद होने, एफआइआर के लिए बयान दर्ज होने और गांव में चौकी खुलने का आश्वासन मिलने के बाद चार घंटे बाद शाम 5ः30 बजे जाम खुला। जाम के दौरान ग्रामीणों ने एंबुलेंस को जाने दिया, लेकिन अन्य वाहन नहर के रास्तों से होकर निकले, जबकि भारी वाहनों की कतार हाइवे पर दूर-दूर तक लग गई थी।

गांव के दो युवकों ने पकड़ा दिया शराब का जखीरा

जब छैरा गांव के पास शवों को रखकर लोग जाम लगा रहे थे, तब छैरा गांव का नरेश किरार नाम का युवक आया और पुलिस अधिकारियों से कहने लगा तुम पकड़ते ही नहीं हो शराब को। तुम ही चलवा रहे हो ये सब। इसके बाद गुस्साया युवक बोला कि चलो मेरे साथ खेत में रखी है शराब। इसके बाद कैलारस एसडीएओपी रघुवंशी पुलिस टीम को साथ लेकर नरेश के साथ गए तो खेत में राजस्थान की अंग्रेजी शराब के 22 क्वार्टर और 11 क्वार्टर नकली जहरीली शराब के मिले। इसके बाद जब पुलिस टीम लौट रही थी तो मनोज सिंह राजपूत और उनके साथ 6-7 युवकों ने पुलिस को रोक लिया और छैरा गांव में सरकारी मैदान में रखी बाजरे की करब के नीचे दबी पड़ी नकली शराब के जखीरे को बताया। यहां नकली शराब की पेटियों से लेकर बोरों में भरी खाली बोतलें और पेकिंग का सामान पकड़ा गया है।

कई डर से सच्चाई छिपाते रहे और चली गई जान

छैरा व मानपुर क्षेत्र में बनने वाली जहरीली शराब कई गांवों में खपती है। जहरीली शराब पीने वाले कई लोग ऐसे हैं, जिनकी तबियत बिगड़ी, लेकिन बदनामी और पुलिस की पूछताछ में फंसने के डर से उन्होंने किसी को अपनी तबियत बिगड़ने की बात नहीं बताई और जान गंवानी पड़ गई। बिलैयापुरा गांव के 20 वर्षीय विकास पुत्र कोकसिंह अर्गल ने सोमवार को जहरीली शराब पी। रात में लगातार उल्टियां होने के बाद उसकी तबियत बिगड़ी। मंगलवार की दोपहर ज्यादा तबियत बिगड़ी तो उसने किसी को कुछ बताए बिना बागचीनी चौखट्टा पर एक झोलाछाप डाक्टर से दवाएं लीं। मंगलवार की सुबह ज्यादा तबियत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल लाए, जहां दम तोड़ दिया। ऐसे ही हड़बांसी गांव के 38 साल के दीपक पुत्र रामहेत शर्मा ने किया। जहरीली शराब पीने के बाद तबियत बिगड़ी तो अपनी मां व पत्नी तक को सच नहीं बताया। दीपक की मां ने बताया कि पूरी रात दीपक ने उल्टियां की। सुबह मुंह से झाग आने लगे और फिर बदहवास हो गया। अस्पताल लाए तो डॉक्टरों ने पहले ब्रेन डेड घोषित किया फिर कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।

कांग्रेस नेता पहुंचे पीड़ितों के परिजनों से मिलने

जहरीली शराब से मृत लोगों के स्वजनों से मिलने के लिए बुधवार को कांग्रेस के कई बड़े नेता चक्काजाम स्थल से लेकर मानपुर पृथ्वी गांव में पहुंचे। सबसे पहले कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत मानपुर पृथ्वी गांव में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिले। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक अजब सिंह कुशवाह पहुंचे जो पहले तो छैरा गांव में चक्काजाम में बैठकर मृतकों के स्वजनों से मिले। इस दौरान सुमावली विधायक ने पुलिस प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बागचीनी थाने की पुलिस को बदलने के लिए वह पहले पत्र लिख चुके हैं, लेकिन आला अफसरों ने नहीं सुनी। इनके बाद पूर्व मंत्री विजेन्द्र सिंह भी पीड़ित परिवारों से मिलने मानपुर पृथ्वी गांव में पहुंचे।

प्रशासन करवा रहा मुनादी, न पिएं शराब

छैरा-मानपुर क्षेत्र में बन रही जहरीली शराब को खपाने का नेटवर्क सुमावली, बागचीनी क्षेत्र के कई गांव हैं। अब तक जहरीली शराब से मानपुर पृथ्वी, बिलैयापुरा, पहावली, छिछैयापुरा, हड़बांसी गांव से लेकर मुरैना शहर के न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी तक में मौत के मामले सामने आ चुके हैं। यह शराब किन-किन गांवों में खपती है इसका किसी को कोई अंदाजा नहीं। इसलिए प्रशासन ने सुमावली, छैरा, बिलगांव, हड़बांसी, कांसपुरा क्षेत्र के गांवों में मुनादी शुरू कर दी है। इसमें ग्रामीणों से शराब को नहीं पीने की अपील की जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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