मुरैना। सरसों की तुलाई में गड़बड़ी की शिकायत करते हुए किसानों ने मुरैना कृषि उपज मंडी में हंगामा कर दिया है। मंडी के व्यापारी 700 से 750 ग्राम की बोरी को 1 किलो 100 ग्राम की बताकर उतनी वजन की सरसों ले रहे थे। यानी एक बोरी पर 20 रुपये की 400 ग्राम तक सरसों ज्यादा ली जा रही थी। इसे लेकर किसानों ने जमकर हंगामा किया, पर मंडी सचिव अपनी कुर्सी से नहीं उठे और तौल कर रहे हम्माल कहते रहे, कि उन्हें मंडी प्रशासन से ही ऐसी तौल के आदेश मिले हैं।

गौरतलब है कि समर्थन मूल्य की तुलना में मंडी में सरसों के दाम 700 रुपये क्विंटल तक ज्यादा हैं, इसीलिए हर किसान अपनी सरसों बेचने मंडी में आ रहे हैं। किसानों की इस भीड़ के कारण मंडी में किसानों से ठगी भी होने लगी है। एक बोरी सरसों में 85 किलो सरसों भरी जाती है। इसके अलावा 700 से 750 ग्राम एक बोरी का वजन होता है, जिसे मिलाकर एक बोरे का वजन 85 किलो 700 ग्राम होना चाहिए, लेकिन मंडी में तौल कर रहे हम्माल किसानों की एक बोरी में 86 किलो 100 ग्राम सरसों तौल रहे थे। एक बोरी पर 400 ग्राम सरसों ज्यादा लेने से गुस्साएं किसानों ने पहले तुलाई सेंटर पर हंगामा किया, फिर मंडी सचिव के पास शिकायत लेकर पहुंचे। हंगामे की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के शहर अध्यक्ष दीपक शर्मा व मुरैना के विधायक प्रतिनिधि जितेंद्र घुरैया भी मंडी में पहुंचे। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा, पर मंडी सचिव शिवप्रताप सिंह सिकरवार अपनी कुर्सी से उठकर नहीं गए। पहले सचिव इसे लेकर टालमटोल करते रहे, बाद में बोला कि कर्मचारी भेजकर दिखवाता हूं। अगर ऐसा कुछ हो रहा है तो तत्काल बंद करवाया जाएगा।

हम्माल बोले व्यापारी और सचिव ने कहा, इसलिए तौल रहे

मंडी में किसानों की उपज में हो रही ठगी की बात तुलाई कर रहे हम्माल भी स्वीकार कर रहे थे। हम्माल माखन सिंह ने बताया, कि उन्हें व्यापारी व मंडी कर्मचारियों ने ही एक बोरी का वजन 86 किलो 100 ग्राम करने को कहा है। उधर चौखूटी गांव के किसान दशरथ सिंह, बागचीनी के प्रेमसिंह और बीहड़ खड़िया गांव के जयसिंह ने बताया कि तुलाई के बाद जो पर्ची दी जा रही है उस पर यह तो लिख रहे हैं कि 25 बोरी भरी गई हैं, पर यह नहीं लिख रहे कि एक बोरी में 86 किलो 100 ग्राम वजन है। एक किसान 50-50 बोरी सरसों लेकर आ रहा है और एक बोरी पर 50 रुपये की तौल से किसानों को 1000 रुपये तक की चपत लग रही है। किसानों का कहना है, कि यह गड़बड़ी नहीं हो तो ट्रैक्टर-ट्रॉली का भाड़ा तो निकल आएगा।

उधर खरीद केंद्रों पर पसरा है सन्नााटा

समर्थन मूल्य पर सरसों, चना व गेहूं की खरीदी शुरू हो गई है, लेकिन इन सेंटरों पर किसान उपज लेकर नहीं पहुंच रहे। पूरी सरसों बाजार में बिकने आ रही है। उधर गेहूं के लिए बनाए गए 68 खरीद केंद्रों पर भी सोमवार को किसान नहीं पहुंचे। अभी खेतों में गेहूं की फसल कट रही है। खरीद केंद्रों की हालत यह है, कि जिले के सबसे बड़े खरीद केंद्र मुरैना मार्केटिंग सोसाइटी पर बीते 5 दिन में एक भी किसान गेहूं लेकर नहीं आया, जबकि सोसायटी ने खरीद केंद्र पर पूरी तैयारी कर रखी है।

5र्षछिॅ1िछ : तोल में गड़बड़ी पर मंडी सचिव के कार्यालय में हंगामा करते किसान।

Posted By: Nai Dunia News Network

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