मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जब पूरे देश में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कमी हो रही थी, तब मुरैना जिले में रेमडेसिवीर की कमी किसी मरीज को महसूस नहीं हुई, लेकिन अब कोरोना मरीजों के इलाज में काम आ रहीं कई दवाओं का टोटा हो गया है। सरकारी अस्पताल तो क्या बाजार में भी यह दवाएं आसानी से नहीं मिल पा रही हैं।

कोरोना वायरस के साथ अन्य वायरस का संक्रमण होने पर मरीज को एंपोटेरेसिन बी नामक इंजेक्शन डॉक्टर लिख रहे हैं, लेकिन मुरैना जिला अस्पताल तो छोड़िए शहर के किसी मेडिकल स्टोर पर यह दवा नहीं मिल रही है। यह अकेली दवा नहीं है, बल्कि फेंफड़ों के संक्रमण में काम आने वाला मैरोपेनम इंजेक्शन, फैरोपेनम सोडियम टेबलेट, क्लिंडामाइसिन इंजेक्शन और पिपराक्सिन टेक्जोबेक्टम इंजेक्शन की भी भारी कमी हो गई है। इतना ही नहीं कमी के कारण इन दवाओं की कालाबाजारी भी हो रही है। फैारेपेनम सोडियम 800 एमजी की 6 टेबलेट कियर मेडिकल से 450 तो किसी से 500 रुपये की मिल रही है। इसी तरह क्लिंडामाइसिन इंजेक्शन 300 से 350 रुपये तक में बिक रहा है। ऐसे में हालात यह है कि कई मरीजों के स्वजन दवाओं के लिए ग्वालियर तक जा रहे हैं।

ड्रग इंस्पेक्टर ने एक ही मेडिकल पर रखवाई फेबीफ्लू

महामारी की दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण ने मरीज के फेंफड़ों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। जिस मरीज को कोरोना हो रहा है। उसे फेंफड़ों के संक्रमण से बचाने के लिए डॉक्टर एहतियाद के तौर पर फेबीफ्लू टेबलेट लिख रहे हैं, जो फेंफड़ों में कोरोना वायरस को जाने से रोक देते हैं। मुरैना शहर में फेबीफ्लू टेबलेट केवल एक ही मेडिकल पर मिल रही है, जो जिला अस्पताल के सामने है। जानकर हैरानी होगी के कलेक्टर के आदेश का हवाला देकर जिले के ड्रग इंस्पेक्टर ने जिला अस्पताल के सामने स्थित मेडिकल स्टोर पर फेबीफ्लू टेबलेट का स्टोर रखवाया है। जबकि कलेक्टर ने आज तक ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है, जिसमें कोई भी एक दवा, किसी एक मेडिकल स्टोर से ही बिकवाई जाए। कलेक्टर के नाम पर फेबीफ्लू टेबलेट की व्यवस्था यह की गई है कि केवल जिला अस्पताल के डॉक्टर के पर्चे पर ही इस मेडिकल स्टोर से फेबीफ्लू टेबलेट मिलती है, जबकि शहर के कई नामी निजी अस्पतालों के डॉक्टर भी इस दवा को लिख रहे हैं। ऐसे में मरीजों को 800 एमजी की फेबीफ्लू टेबलेट का डोज जो 1100 रुपये के करीब है, वह 1400 रुपये तक में बेचा जा रहा है।

दो मेडिकलों पर छापा, चार सैंपल लिए

ड्रग इंस्पेक्टर देशराज सिंह ने सोमवार को मुरैना शहर के दो मेडिकल स्टोर पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान सैनिटाइजर सहित कुल चार तरह की दवाओं के सैंपल लिए गए हैं। ड्रग इंस्पेक्टर ने रवि मेडिको एजेंसी व मंशा देवी मेडिकल एण्ड सर्जिकल पर औचक छापा मारा। दोनों मेडिकलों पर कोरोना इलाज में काम हा रहीं दवाओं का स्टॉक चेक किया। इस दौरान दोनों मेडिकलों से सैनिटाइजर के अलावा मकबेरी सिरप व एन्टी एलर्जीक दवाओं के चार सेंपल लिए गए हैं।

फेबीफ्लू टेबलेट हर कोई डॉक्टर लिख रहा था। यह दवा सभी मेडिकल स्टोर पर बिकती तो इसका स्टॉक जाम हो सकता था। मेडिकल स्टोर संचालक ही दो से चार-चार डोज अपने लिए रख लेते, जिससे इस दवा की कमी हो जाती। इसलिए कलेक्टर साहब से चर्चा करके मैंने एक ही मेडिकल पर यह दवा रखवाई है। यहां से जिला अस्पताल के पर्चे पर ही फेबीफ्लू मिलती है। अगर इस दवा की कालाबाजारी हो रही है, तो इसकी जांच करके उचित कार्रवाई करूंगा।

देशराज सिंह

ड्रग इंस्पेक्टर, मुरैना।

Posted By: Nai Dunia News Network

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