जौरा(नईदुनिया न्यूज)। जौरा के पूर्व थाना प्रभारी डीएस कुशवाह के खिलाफ जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही पूर्व थाना प्रभारी के खिलाफ स्वीकृत किए गए परिवाद की सुनवाई भी दोबारा से की जाएगी।

गौरतलब है कि बंटी उर्फ मुकेश शर्मा ने जौरा न्यायालय में परिवाद पेश किया, जिसमें बताया कि कुछ महीने पहले उसने रोहित सिरवैया से एक टबेरा कार खरीदी थी, जिसमें अनुबंध किया गया था कि कार के फाइनेंस की समस्त किश्तों का भुगतान मुकेश शर्मा करेगा। अनुबंध की शर्त के अनुसार किश्तों का भुगतान मुकेश शर्मा करता रहा, लेकिन रोहित सिरवैया ने इस वाहन को हड़पने के लिए थाना प्रभारी देवेंद्र कुशवाह के साथ मिलकर मुकेश शर्मा से छीन लिया। जब मुकेश शर्मा ने वाहन मांगा तो थाना प्रभारी ने उसे केस में फंसाने की धमकी दी और उक्त वाहन कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बीमा कंपनी को दे दिया। जौरा न्यायालय ने परिवाद को स्वीकृत करते हुए इस पूरे घटनाक्रम में रोहित सिरवैया व तात्कालीन थाना प्रभारी डीएस कुशवाह को आरोपी माना और दोनों पर धारा 420, 120बी, 403, 427, 219 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद एसपी ने थाना प्रभारी डीएस कुशवाह को लाइन अटैच कर दिया था। उधर न्यायालय ने भी कुशवाह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके खिलाफ डीएस कुशवाह ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश शील नागू ने जौरा कोर्ट द्वारा जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट को निरस्त कर दिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags