मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)।नगर निगम के लेखा अधिकारी संतोष शर्मा के यहां लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी ग्वालियर लोकायुक्त की कार्रवाई जारी रही, लेकिन दूसरे दिन लोकायुक्त के हाथ कुछ नहीं लगा। संतोष शर्मा के बैंक लॉकर को लोकायुक्त टीम ने खुलवाया तो उसमें एक रुपया भी नहीं था, लॉकर में धूल छाई हुई थी।

गौरतलब है कि ननि के लेखा अधिकारी संतोष शर्मा के यहां बुधवार तड़के से मुरैना स्थित दो मकान व ग्वालियर के तारागंज स्थित एक मकान पर लोकायुक्त की तीन टीमों ने छापा मारा था। इस दौरान बंगला, गाड़ी, नकदी, गहने से लेकर जमीन-जायदाद यानी 6 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का मालिक संतोष शर्मा निकला है। लोकायुक्त टीम को संतोष शर्मा का व्यवसायिक बैंक में एक लॉकर मिला। बुधवार को ईद की छुट्टी के कारण बैंक बंद दी, गुरुवार की सुबह बैंक खुली तो लोकायुक्त की टीम सदर बाजार स्थित व्यवसायिक बैंक में पहुंच गई। लोकायुक्त टीम ने संतोष शर्मा के सामने ही लॉकर खुलवाया, लेकिन वह पूरी तरह खाली मिला, जिसमें धूल छाई हुई थी। खाली लॉकर देख लोकायुक्त अफसर भी हैरान रह गए, इसी बीच संतोष शर्मा ने कहा कि लॉकर के फोटो तो लीजिए। यह सुनकर लोकायुक्त निरीक्षक ने कहा कि खाली लॉकर का फोटो किस काम का। कुछ होता तो वीडियो-फोटो सब बनते। बैंक प्रबंधन ने लोकायुक्त अधिकारियों को बताया कि संतोष शर्मा का यह लॉकर साल 2016 में अंतिम बार खुला था, यानी 5 साल से संतोष शर्मा ने इस लॉकर का कोई उपयोग ही नहीं किया। ऐसे में लोकायुक्त टीम को भी शक है कि संतोष शर्मा के अन्य बैंकों में लॉकर हो सकते हैं, इसीलिए लोकायुक्त उन सभी बैंकों को पत्र लिखकर जानकारी मांग रही है, जिनमें संतोष शर्मा, उसकी पत्नी व अन्य स्वजनों के बैंक खाते सामने आ रहे हैं। अब तक संतोष शर्मा के 8 बैंक खातों में 48 लाख रुपये से ज्यादा का नकद जमा होना सामने आ चुका है।

ननि कमिश्नरदो दिन से परिवार सहित लापताः

लोकायुक्त अफसरों के अनुसार लेखा अधिकारी संतोष शर्मा के खिलाफ कमीशनखोरी व भ्रष्टाचार के कई सबूत हैं। इनसे उसने करोड़ों रुपये की सम्पत्ति अर्जित कर ली है। संतोष शर्मा पर हो रही इस कार्रवाई में नगर निगम के कमिश्नर अमरसत्य गुप्ता से भी पूछताछ हो सकती है। लोकायुक्त के अफसरों का ही मानना है। क्योंकि लेखा अधिकारी द्वारा किए जा रहे हर भुगतान की निगरानी का जिम्मा कमिश्नर का होता है, इसीलिए ननि कमिश्नर से इस मामले में पूछताछ जरूर होगी। उधर ननि कमिश्नर गुप्ता दो दिन से लापता है। बताया गया है कि वह कुछ अधिकारी कर्मचारियों को फोन करके भोपाल में विस का जवाब लेकर जाने की कहकर बुधवार की सुबह 6 बजे ही अपने बंगले से निकल गए। जबकि विस अभी चल ही नहीं रही और विस के जवाब भेजने के लिए एक कर्मचारी अलग है। इससे पहले आयुक्त खुद कभी विस का जवाब लेकर भोपाल नहीं गए। बताया गया है, कि जब लेखा अधिकारी संतोष शर्मा के घर लोकायुक्त टीम घुसी, उसकी जानकारी मिलते ही कमिश्नर शहर को छोड़ गए और कुछ देर बाद पत्नी व बच्चे भी आगरा के लिए रवाना कर दिए।

शिकायतकर्ता ने जो बताया उससे ज्यादा नहीं ढूंढ पाई लोकायुक्तः

लोकायुक्त में दो महीने पहले ननि में भ्रष्टाचार की शिकायत हुई थी। शिकायतकर्ता ने अकाउंट विभाग से जुड़े जसवीर सिंह घुरैया व संतोष शर्मा द्वारा हर भुगतान पर कमीशन लेकर करोड़ों का गबन करने के आरोप लगाए थे। चूंकि जसवीर सिंह की कोरोना महामारी की दूसरी लहर में मौत हो गई, इसलिए लोकायुक्त की कार्रवाई संतोष शर्मा के यहां हुई, लेकिन जितनी संपत्ति मिली है उससे लोकायुक्त अफसर भी संतुष्ट नहीं हुए। इसीलिए तो लोकायुक्त डीजीपी ने बुधवार की शाम लोकायुक्त एसपी को आदेश देकर संतोष शर्मा के घर की दोबारा सर्चिंग करवाई, लेकिन दूसरी बार में भी कुछ नहीं मिला। इसके पीछे की वजह लोकायुक्त की कार्रवाई की सूचना पहले ही लीक होना माना जा रहा है। लेखा अधिकारी संतोष शर्मा कई दिन पहले ही लोकायुक्त व ईओडब्ल्यू के छापे की बात कई लोगों से कह चुका था। ऐसे में लोकायुक्त के अधिकारी भी दबी जुवान मान रहे हैं, कि संतोष शर्मा के यहां उतनी ही संपत्ति मिली है जो शिकायतकर्ता ने बताई है। बताया गया है कि संतोष शर्मा के घर में जो साढ़े 8 लाख नकद मिले हैं, उसके मे करीब साढ़े 7 लाख रुपये ट्रैक्टर एजेंसी से बिके एक ट्रैक्टर के हैं। इसे हटाकर संतोष शर्मा के घर में करीब 96 हजार ही नकद थे, जो कोई बड़ी राशि नहीं है। दूसरी तरफ संतोष शर्मा के चेहरे पर इन दो दिनों में कोई परेशानी का भाव नजर नहीं आया। गुरुवार को भी वह हंसते-हंसते लोकायुक्त टीम से बात कर रहा था और हर जगह उनके साथ जाने तैयार था।

ननि में दो बार गई लोकायुक्त टीम, दोनों बार मिला सन्नााटाः

दो दिन से चल रही लोकायुक्त की इस कार्रवाई से पूरे नगर निगम प्रशासन में किस कदर हडकंप मचा है, इसका अंदाजा इसी से लगाईए कि ननि के कमिश्नर तक लापता हैं और अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी ईद की छुट्टी के बाद गुरुवार को खुले ऑफिसों में नहीं आए। संतोष शर्मा से जुड़ी सभी शाखाओं व छानबीन के लिए लोकायुक्त की टीम जांच अधिकारी राघवेन्द्र सिंह तोमर की अगुआई में गुरुवार को दो बार नगर निगम में गई, लेकिन वहां कोई अधिकारी अपनी कुर्सी पर नहीं मिला। दफ्तरों में चपरासी, सुरक्षा गार्ड व अन्य छोटे कर्मचारी जरूर थे। शाम के समय ननि में कई पूर्व पार्षद व कर्मचारी देखे गए, जिनकी चर्चा का विषय लोकायुक्त की कार्रवाई व संतोष शर्मा के यहां मिली संपत्ति ही थी।

वर्जन---

दूसरे दिन भी हमारी टीम मुरैना में जांच करती रही। दो बार ननि गए, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। लॉकर खुलवाया गया तो वह भी खाली थी, उसमें धूल छाई हुई थी। हम अन्य बैंकों में भी तलाश करवा रहे हैं, कहीं संतोष शर्मा के और लॉकर तो नहीं हैं। अभी छानबीन जारी है। हां ननि कमिश्नर भी इस मामले में संदिग्ध हैं, क्योंकि हर भुगतान की जवाबदारी उनकी होती है। ननि कमिश्नर से भी इस मामले में पूछताछ होगी।

संजीव सिन्हा,एसपी, लोकायुक्त

Posted By: Nai Dunia News Network

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