अंबाह(नईदुनिया न्यूज)। जैन मुनि आचार्य विन्रम सागर का गुरुवार को अपने 11 साधु संतों के संघ के साथ अंबाह में प्रवेश हो गया। संत विनम्र सागर अंबाह में ही चार्तुमास करेंगे। खासबात यह है कि जैनमुनि विनम्र सागर 20 साल बाद अंबाह में फिर से चार्तुमास के लिए आ रहे है। जिस पर लोगों ने नगर में प्रवेश करने पर ढोल नगाढ़ों के साथ भव्य आगवानी की। जगह जगह रंगोलियां सजाई गई। महिला मंडलों ने कलशों के साथ यात्रा निकाली।

श्री सकल दिगम्बर जैन समाज के जिनेश जैन ने बताया कि सुबह के समय आचार्य विनम्र सागर के नगर में प्रवेश पर भव्य मंगल अगवानी की गई। मुरैना तिराहे से लेकर जैन बगीची तक स्थान स्थान पर रंगोली सजाई गई थी। नगर में जगह जगह स्वागत द्वार एवं गुरुभक्ति के वैनर लगे हुये थे। वहीं जगह जगह पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्ना महिला संगठन अपनी विशेष भेषभूषा में मुनिसंघ का अभिनंदन करने के लिए हाथों में आरती की थाली लिए हुए खड़े थे। शोभायात्रा बरेह जैन मंदिर से मुरैना तिराहा, नगर पालिका चौराहा होते हुए जैन बगीची पर पहुंची। जहाँ धर्म सभा संपन्ना हुई। इस अवसर आचार्य विन्रम सागर ने प्रवचन करते हुए कहा कि चंबल की इस पवित्र धरा पर पूज्य गुरूदेव की आज्ञा से हम सभी मुनिराजों का चार्तुमास हेतु आना हुआ है। आप सभी ने भक्ती भाव से अपने भावों को प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि आप सभी लोग नमोस्तु करने आते है, कई लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है कि मुनि महाराज तो बहुत जटिल होते है, तो उन्होंने जबाव देते हुये कहा कि मुनि महाराज तो जिनके मन सरल होते है, उनके प्रति तरल होते है और जिनके मन कुटिल होते है,उनके प्रति जटिल हो जाते है।इस अवसर पर विनम्र सागर ने कहा कि गुरू आज्ञा से हम सब 350 किलोमीटर का विहार करते हुए आपकी नगरी में आए हैं। उन्होंने कहा कि हम यहां पर सुनाने नहीं वल्कि साधना करने के लिए आए हैं।

4 माह तक होंगे धार्मिक कार्यक्रमः

राकेश जैन भंडारी ने बताया कि आचार्य विन्रम सागर 4 माह तक नगर में ही प्रवास करेंगे। इस दौरान विभिन्ना धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिनमें भक्तांबर शिविर, पूजन शिविर, विश्व शांति महायज्ञ से कार्यक्रम शामिल है। इसके साथ ही युवा पीढ़ी को धार्मिक संस्कारों से परिचित कराने के लिए प्रतिदिन प्रवचन श्रृंखला भी आयोजित की जाएगी।

20 साल बाद हुआ किसी साधु का चार्तुमासः

अंबाह में 20 साल पहले आचार्य विनम्र सागर का चातुर्मास हुआ था। उसके बाद अंबाह में किसी भी साधु संत का चातुर्मास नहीं हुआ। अब 20 साल बाद आचार्य विनम्र सागर का ही फिर से एक बार और चातुर्मास हो रहा है। जिसको लेकर लोगों में उत्साह का माहौल है। यहां बता दें कि आचार्य विनम्र सागर उच्च कोटि के कवि है। उनके द्वारा लिखित भजन, जीवन है पानी की बूंद कब मिट जाए रे, देश भर में लोकप्रिय है। इसके साथ ही उनकी अनेक रचनाएं हिंदी, अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं में प्रकाशित हुई हैं। इस दौरान आचार्य के स्वागत कार्यक्रम में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जिनेश जैन, अशोक जैन, राकेश जैन भंडारी, उमेश जैन, पवन जैन, विमल जैन, अरुण जैन, दिलीप जैन, विमल जैन भंडारी, अजय जैन, ओपी जैन, विकास जैन, ऊषा जैन भंडारी, अजंलि जैन, बिंन्नाी जैन, राहुल जैन, राजुल जैन सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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