मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। बारिश के सीजन में बिजली कंपनी हर रोज किसी न किसी फीडर पर मेंटेनेंस काम कर रही है। इस मेंटेनेंस के कारण कई क्षेत्रों में चार से छह घंटे की बिजली कटौती हो रही है। समस्या यह है, कि जिन फीडरों पर मेंटेनेंस का काम ही नहीं हो रहा, वहां भी पांच से छह घंटे बिजली गुल हो रही है। शहरी व कस्बाई क्षेत्रों में लगातार बढ़ती जा रही इस तरह की समस्या पर बिजली अमला ध्यान ही नहीं दे रहा। कई फीडरों से सुबह-शाम नियमित तौर पर कटौती की जा रही है।

मंगलवार को बिजली कंपनी द्वारा मुरैना शहर के किसी भी फीडर पर मेंटेनेंस का काम नहीं करवाया, इसके बाद भी काशीपुर व देवरी फीडर से जुड़े रामनगर, जीगनी, मुड़ियाखेड़ा, अंबाह बायपास आदि क्षेत्रों में छह घंटे से ज्यादा बिजली गुल रही। समस्या यही नहीं, बल्कि इन क्षेत्रों में बीते एक सप्ताह से सुबह-शाम कम से कम दो-दो घंटे की बिजली कटौती नियमित तौर पर की जा रही है। उधर दत्तपुरा, महावीरा, राठौर मोहल्ला, पटी गली, वेयर हाउस के पीछे, यादव मोहल्ला आदि क्षेत्रों में मंगलवार की रात साढ़े 8 बजे बिजली गुल हुई जो रात साढ़े 12 बजे बहाल हुई। इसी तरह बुधवार को वनखंडी रोड, शिवनगर क्षेत्र, वीआईपी रोड, संजय कॉलोनी व नैनागढ़ रोड क्षेत्र में बिना मेंटेनेंस के ही बिजली सप्लाई हर दूसरे-तीसरे दिन 4 से 5 घंटे तक गुल हो रही है।

आधी कॉलोनी में 8 घंटे गुल रहती है बिजलीः

शहर में बिजली सप्लाई की हालत यह है, कि पाश कॉलोनियों के रहवासी भी परेशान है। पुरानी हाउसिंग बोर्ड कालोनी में बिजली सप्लाई दो फीडरों से होती है। इस कॉलोनी के आधे हिस्से में सिटी फीडर से बिजली सप्लाई होती है, जबकि आधी कालोनी में सिद्धनगर फीडर से जोड़ दिया है। अब आलम यह है कि सिद्ध नगर फीडर से जुड़े हजारों घरों को 24 घंटे में से 16 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही। यह हालत बीते कई दिन से हैं और इस बीच सिद्धनगर फीडर पर एक दिन मेंटेनेंस का काम चला है। बिना मेंटेनेंस के ही इस फीडर से हर रोज 8 घंटे तक बिजली सप्लाई बंद कर दी जाती है।

उधर ऑन स्पाट बिलिंग ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की मुसीबतः

बिजली कंपनी ने बिजली बिलों की उधारी को वसूलने के लिए आन द स्पॉट बिलिंग शुरू की है। दो महीने पहले से शुरू हुई, आन द स्पॉट बिलिंग व्यवस्था उपभोक्ताओं से लेकर बिजली कंपनी के अफसरों के लिए मुसीबत बन गई है, क्योेंकि आन द स्पॉट बिल जारी करने वाली टीम घर की दीवार और दरवाजों को स्केन करती है तब भी बिजली का बिजली जारी हो जाता है, जबकि यह बिल मीटर रीडर को स्केन करने के बाद जारी होना चाहिए। इस व्यवस्था में विसंगति यह है, कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली मीटर बिजली कंपनी ने खुलवा लिए हैं, या फिर जिनके मीटर खराब हैं, उन्हें भी अनाप-खनाप खपत के बिल दिए जा रहे हैं।

वर्जन

- हमारे क्षेत्र की बिजली सिद्धनगर फीडर से जुड़ी है। बीते कई दिन से इस फीडर को कभी भी बंद कर दिया जाता है, फोन लगाते हैं तो लाइनमैन या बिजली कंपनी के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। ऐसे में कई लोगों ने आधा किलोमीटर तक तार डालकर दूसरे फीडर की लाइन से कनेक्शन लिए हैं। यानी एक घर में दो-दो कनेक्शन हो गए हैं।

विनोद कुमार

पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी

फीडर या लाइन पर मेंटेनेंस का काम होने पर ही बिजली सप्लाई बंद की जाती है। बिना मेंटेनेंस के कहीं भी सप्लाई बंद नहीं होती। अगर कहीं बिना कारण बिजली गुल हो रही है तो संबंधित उपभोक्ता मुझे शिकायत कर सकते हैं। आन द स्पॉट बिलों को लेकर जो शिकायतें आ रही हैं उनका निराकरण करने के बाद भी उपभोक्ताओं से बिजली बिल जमा कराया जा रहा है।

पीके शर्मा

महाप्रबंधक बिजली कंपनी, मुरैना

Posted By: Nai Dunia News Network

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