सड़क पर बैठी मवेशी को बचाने के फेर में फुटपाथ पर खड़े ग्रामीण को ट्रक ने कुचला (फ्लायर खबर)

20झॅार्ष1िछ : शव को सड़क पर रखकर जाम लगाते ग्रामीणों को समझाते पुलिस अफसर।

20झॅार्ष1िळ : सड़क पर शव रखकर विलाप करते मृतक के स्वजन।

20झॅार्ष1िभ : मुरैना-अंबाह रोड मवेशी इस कदर बैठते हैं कि वाहनों को निकलने की जगह नहीं बचती।

मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सड़कों पर डेरा जमाए बैठीं मवेशी से बचकर निकलने के फेर में तेज रफ्तार ट्रक ने फुटपाथ पर खड़े ग्रामीण को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। निराश्रित मवेशी के कारण यह दुखद हादसा सोमवार की अलसुबह खेरा-मेवदा गांव के पास हुआ है। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने तीन घंटे तक मुरैना-अंबाह हाइवे पर जाम लगा दिया।

सोमवार की सुबह साढ़े 5 बजे के करीब मुरैना से एक ट्रक तेज रफ्तार में अंबाह की ओर जा रहा था। खेड़ा-मेवदा गांव के पास सड़कों पर सुबह के समय दर्जनों मवेशी बैठी रहती हैं। इन्हीं मवेशी को बचाने के फेर में ड्राइवर ने तेज रफ्तार ट्रक को हाइवे से नीचे उतारा, लेकिन ट्रक का संतुलन बिगड़ गया। लहराते हुए ट्रक ने 42 साल के दिनेश कुमार पुत्र रामहेत पिप्पल निवासी खेड़ा-मेवदा को अपनी चपेट में लिया। ट्रक के नीचे फंसकर दिनेश कुमार करीब 200 मीटर तक घिसटता गया, उसके बाद ट्रक के पहियों के नीचे आ गया। ग्रामीणों के अनुसार दिनेश मवेशी को चारा डालने के बाद खेत पर जाने के लिए घर से निकला था। वह हाइवे किनारे फुटपाथ पर चल रहा था, जहां ट्रक ने उसे कुचल दिया। घटना के बाद ट्रक ड्राइवर मौके से भाग निकला। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। सुबह 6 से 9 बजे तक यह चक्काजाम रहा और इस दौरान अंबाह व मुरैना की ओर वाहनों की कतार लग गईं।

परिवार को मुआवजा, मवेशी को गोशाला भेजने की मांगः

करीब तीन घंटे तक चले चक्काजाम के दौरान ग्रामीण कई बार आक्रोशित हुए। मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीएसपी ने ग्रामीणों को समझाकर हालात काबू किए। उसके बाद मृतक के स्वजन व ग्रामीणों ने ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार करने, मृतक के पांच बच्चों व पत्नी को मुआवजा राशि दिलाने की मांग रखी। इसी के साथ ग्रामीणों ने कहा कि हाइवे बनने के बाद यहां हादसे बढ़ गए हैं, इसे रोकने के लिए दिमनी व बड़ागांव की तरह खेड़ा-मेवदा गांव में भी सड़क किनारे जालियां लगाई जाएं, इसके अलावा सड़कों पर घूम रही निराश्रित मवेशी को पकड़कर गोशालाओं में भिजवाया जाए, जिससे मवेशी के कारण ऐसे हादसे और न हों।

बड़ोखर से पोरसा तक 35 से ज्यादा जगह मवेशी के झुंडः

निराश्रित मवेशी के कारण मुरैना-अंबाह रोड पर यह पहला हादसा नहीं हैं। अगस्त महीने में सड़क पर बैठी मवेशी के कारण एक बाइक सवार घायल हुआ, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हाइवे पर हर रोज मवेशी के कारण कार जैसे छोटे वाहन सड़कों से उतरकर खंती में गिर रहे हैं। मुरैना-अंबाह-पोरसा हाइवे पर निराश्रित मवेशियों का जमावड़ा ऐसा है कि मुरैना से पोरसा तक करीब 35 जगहों पर मवेशी में झुंड बैठे नजर आते हैं। बड़ोखर से लेकर मुड़ियाखेड़ा, जीगनी, खेड़ा-मेवदा, चोरपुरा, बड़ागांव तिराहा, दिमनी, रडुआपुरा आदि जगहों पर निराश्रित मवेशी सड़कों पर डेरा जमाए हुए हैं, लेकिन इस ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है। अंबाह व दिमनी क्षेत्र के कई गांवों में गोशालाएं बनी हुई हैं, इन गोशालाओं में बेसहारा मवेशी को रखा जाए तो यह समस्या हल हो सकती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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