मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुरैना जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। एक सप्ताह पहले तक जिले में डेंगू के एक-दो मरीज हर रोज सामने आ रहे थे, जिनकी संख्या अब प्रतिदिन 8 से 10 तक पहुंच गई है। गुरुवार की दोपहर तक जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 71 पहुंच गई है। यह मरीज सरकारी अस्पतालों में हुई लैब जांच में सामने आए हैं, अगर रेपिड टेस्ट किट और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवा रहे डेंगू मरीजों को जोड़ लिया जाए तो मरीजों की संख्या 200 से ज्यादा पहुंच जाएगी।

गुरुवार को जिले में डेंगू के 9 नए मरीज सामने आए हैं। इससे पहले बुधवार व मंगलवार को दो दिन में 16 मरीज सामने आए थे। चिंता की बात यह है कि डेंगू का प्रकोप शहर से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में ज्यादा है। हालात इतनें चिंताजनक हैं कि जिले का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहां से डेंगू के मरीज सामने नहीं आ रहे। मुरैना नगर निगम क्षेत्र में अब तक 18 डेंगू मरीज जिला अस्पताल में भर्ती करवाए गए हैं। बाकी के 53 मरीज ग्रामीण इलाकों के हैं। इस साल डेंगू का प्रकोप जिस तरह बढ़ रहा है, उसे देख स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन को तीन साल पहले साल 2018 के हालात याद आने लगे हैं, जब जिलेभर में 410 से ज्यादा डेंगू मरीज सामने आए थे, और चार से पांच लोगों की मौत भी हुई थी। बीते साल 2020 में केवल 9 डेंगू मरीज ही सामने आए थे। जिस रफ्तार से जिले में डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं, उसे देख स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के भी हाथपांव फूल रहे हैं। इसीलिए जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए स्पेशल वार्ड तक बनाया गया है।

जगह-जगह हो रहा जलभराव बना संकटः

पानी निकासी के इंतजाम नहीं होने से शहरवासी तो बरसात के दिनों में ही जलभराव की समस्या से परेशान होते हैं, लेकिन नगर निगम की सीमा में जो गांव शामिल हुए हैं वहां जलभराव की समस्या 12 महीने रहती है। बड़ोखर, लालौर, मुरैना गांव, मुखियाखेरा, निवी, जौरा खुद, जौरी आदि कई गांव हैं जहां, खाली प्लॉटों में गंदे पानी के ऐसे तालाब बने हुए है कि, उनमें गंदगी पसंद करने वाले जानवर व पक्षियों का बसेरा रहता है। गंदे पानी से उठ रही बदबू के अलावा सबसे बड़ी समस्या मच्छरों की है। पिछले साल शहर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में मलेरिया के साथ-साथ डेंगू की बीमारी ने प्रकोप ढाया था। जगह-जगह भरे गंदे पानी के तालाब लोगों को कोरोना से कम नहीं डरा रहे। समस्या यह है कि पहले ग्राम पंचायत जिस तरह अनदेखी करती रही वैसे अब नगर निगम भी इस समस्या को लेकर कतई गंभीर नहीं दिखा। इसीलिए यह समस्या आबादी व मकानों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ बढ़ती ही जा रही है।

हर पांचवे घर में मिल रहा डेंगू-मलेरिया मच्छर का लार्वाः

डेंगू का प्रकोप बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग एवं मलेरिया विभाग ने जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों के टीमें बनाकर लार्वा सर्वे भी शुरू कर दिया है। करीब एक महीने से चल रहे लार्वा सर्वे में सामने आया है, कि हर पांचवे घर में डेंगू या फिर मलेरिया फैलाने वाले मच्छर का लार्वा मिल रहा है। जिला मुख्यालय पर 20 हजार से ज्यादा घरों के सर्वे में साढे 4 हजार से ज्यादा घरों में लार्वा मिला है, वहीं ग्रामीण इलाकों में एक लाख से ज्यादा घरों में हुए सर्वे में 20 हजार से ज्यादा घरों में लार्वा मिला है। मलेरिया विभाग के अनुसार मच्छरों का लार्वा सबसे ज्यादा कूलरों के पानी में मिल रहा है। इसके अलावा छतों पर रखे पुराने बर्तन, टंकियां जिनमें साफ या बारिश का पानी भरा है, उनमें मच्छर पनप रहे हैं।

वर्जन

- हां इस बार डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अब तक 71 मरीज जिले मंें सामने आ चुके हैं। पिछले साल तो पूरे वर्ष में 9 लोगों को ही डेंगू की पुष्टि हुई थी। हम रेपिड किट की जांच को सही नहीं मानते, इसलिए किट की जांच वाले मरीजों की गिनती नहीं होती। इसकी रोकथाम के लिए घर-घर जाकर लार्वा सर्वे और लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं। शहर से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में डेंगू का प्रकोप बढ़ता चिंता का विषय है।

डॉ. गिर्राज गुप्ता

जिला मलेरिया अधिकारी, मुरैना

Posted By: Nai Dunia News Network

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