मुरैना-पोरसा(नप्र)। नवरात्र के नवमी के दिन माता की दुर्गा पंडालों में गुरुवार को विशेष पूजा अर्चना की गई। इस दौरान कन्या भोज, भंडारे और छप्पन भोग लगााए गए। इसके बाद कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन भी शुरू हो गया। जहां शहर के एमएस रोड पर से होकर जलाशयों की ओर जाते हुए दिखाई दिए। इस दौरान गाजे बाजे के साथ माता के विसर्जन किए गए। इस दौरान पांडालों में हवन कराए गए और कन्या भोज के भी आयोजन किए गए। घरों में भी कन्या भोज कराए गए। विसर्जन को देखते हुए गुरुवार को तैयारियों को लेकर कलेक्टर बी कार्तिकेयन व एसपी ललित कुमार शाक्यवार ने शहर के पास के सभी जलाशयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छोंदा नदी, क्वारी नदी तथा चंबल के राजघाट पर जाकर व्यवस्थाएं देखीं। इस दौरान निर्देश दिए गए कि जलाशयों पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। वहीं प्रतिमा विसर्जन करने आने वाले लोगों पर भी कड़ी निगरानी की जाए।

नवमी के अवसर पर दिनभर मंदिरों से लेकर दुर्गा पांडालों में आयोजन होते रहे। इस बार जिले भर में 300 से अधिक जगह पर दुर्गा पांडाल सजाए गए थे। जहां नवमी के अवसर पर नौ दिनों यहां झांकियों का आयोजन किया गया। दुर्गा की आराधना की गई। नवमी पर पूजा पाठ के बाद विसर्जन का सिलसिला चालू हो गया। जहां शहर के नजदीकी ही जलाशयों पर लोग इन प्रतिमाओं को विसर्जन करने का काम किया गया। इसके अलावा प्रसिद्ध देवी मंदिर बड़ोखर पर मेला का भी आयोजन किया गया। जहां सुबह से महिलाओं का माता पूजन के लिए पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। इसी तरह ज्ञानेश्वरी माता मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों पर भीड़ दिखाई दी। इसके बाद शाम के समय विजर्सन के लिए प्रतिमाओं को छोंदा, क्वारी व चंबल नदी पर ले जाया गया।

पोरसा में माता मंदिरों सहित पांडालों में हुए आयोजनः

शरद नवरात्रि के पावन अवसर पर आज राजराजेश्वरी केला मैया की 1008 दीपकों से महाआरती की गई। इसके साथ ही देर रात को हवन का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तों ने अपनी अपनी आहुतियां दी। इसके साथ ही माता के दरबार में 56 भोग का प्रसाद भी सजाया गया। जिसमें भक्तों ने इस 56 भोज के दर्शन किए। वहीं श्रीनागाजी सरोवर परिक्रमा भक्त मंडल ने हवन कर मां दुर्गा की आराधना की। इस दौरान पंडित महेश शास्त्री ने वेद मंत्र पढ़कर विश्व शांति के लिए हवन कराया। वहीं अन्य मंदिरों बंशीवाला मंदिर, बिजली घर वाला मंदिर, गल्ला मंडी वाला मंदिर, पुराने थाने वाला मंदिर, मनसापूर्ण देवी माता मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, लक्ष्‌मी नारायण मंदिर, नागाजी मंदिर, गिर्राज मंदिर, केला मैया मंदिर, धर्मगढ वाली माता मंदिर, धीरवलपुरा वाली माता का मंदिर, कोंथर माता का मंदिर पर हवन किए गए। इसके साथ ही भंडारे का भी आयोजन किया गया। इसी तरह प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्वविद्यालय गांधीनगर आश्रम में आज नवदुर्गा महोत्सव के अंतिम दिन नौ कन्याओं की झांकी प्रस्तुत कर कन्या पूजन का महत्व के बारे में विस्तार से भक्तों को समझाया गया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित भक्तों का नन्ही-मुन्नाी बालिकाओं ने सभी का मन मोह लिया।

नगरा थाना परिसर में कराया कन्या भोजः

शरद नवरात्र के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों में नवरात्रि के प्रति आस्था देखने को मिली। जगह जगह मंदिरों पर कन्या पूजन हुआ। नगरा पुलिस थाना परिसर में कन्या भोज का आयोजन किया गया। जिसमें थाना प्रभारी धर्मेंद्र मालवीय, अंकेश सिंह भदौरिया, रविंद्र सिंह गुर्जर, ऋषि कुमार शर्मा, हरि सिंह सहित अन्य ने कन्या पूजन एवं कन्या भोज कराया गया। कन्या पूजन के बाद कन्याओं को उपहार देकर बेटीयों की सुरक्षा की शपथ ली गई। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर ग्रामीणों को संबोधित किया गया तथा स्वच्छता के बारे में भी समझाया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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