मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)।मुरैना जिले में व्याप्त खाद संकट को लेकर पहली बार किसी अधिकारी पर कार्रवाई की गाज गिरी है। संभाग आयुक्त आशीष कुमार सक्सेना ने कृषि विभाग के उप संचालक पीसी पटेल को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। उप संचालक पीसी पटेल को यह नोटिस खाद वितरण की सही व्यवस्था नहीं बनाने और निजी क्षेत्र को आवंटित किए गए खाद की जानकारी नहीं होने के आरोपों के चलते दिया गया है।

गौरतलब है कि मुरैना जिले में इन दिनों डीएपी खाद का संकट बना हुआ है। खाद की पर्ची के लिए किसान दो से तीन-तीन दिन लाइन में लग रहे हैं, इसके बाद खाद के लिए कतारों में जूझ रहे हैं। खाद का संकट ऐसा है, कि सबलगढ़ में खाद से भरा ट्रक लुट गया, तो कैलारस में किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया उसके बाद किसानों द्वारा पथराव कर दिया। ऐसी घटनाओं के बाद बीते रोज खाद वितरण की समीक्षा हुई। इस समीक्षा में पाया गया कि, कृषि विभाग ने यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमपी आदि उर्वरकों की मांग संबंधी कार्ययोजना तैयार नहीं की और निजी क्षेत्र में यूरिया, डीएपी, एसएसपी आदि की उपलब्धता की सटीक जानकारी नहीं दी गई। इस कारण संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना ने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उपसंचालक पीसी पटेल को कारण बताओ नोटिस दिया है। नोटिस में कहा गया है कि रबी फसल 2021-22 की तैयारियों के संबंध में संभाग स्तर से समय-समय पर गूगल मीट के माध्यम से यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने संबंधी तथा निजी क्षेत्रों की संभावित मांग के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर पूर्ति कराये जाने के निर्देश दिये गये थे। किंतु उपसंचालक पटेल द्वारा न तो कोई कार्ययोजना तैयार की और न ही निजी क्षेत्र में खाद की उपलब्धता संबंधी जानकारी है, इससे मुरैना जिले में खाद को लेकर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्ना हुई है। कमिश्नर ने उपसंचालक पटेल से 3 दिवस के अंदर कारण बताओ नोटिस का जबाव चाहा है।

टोकन में किसानों को तारीख दें, जिससे परेशानी नहीं होः

संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने निर्देश दिए कि खाद वितरण केन्द्रों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। ये अधिकारी वितरण केन्द्रों पर खाद लेने के लिये आए हुए किसानों से खाद का मांग पत्र लें, जिसमें रकबा, फसल का नाम, खाद की आवश्यकता तथा मोबाइल नम्बर आदि जानकारी रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि मांग पत्र पर नम्बरिंग करें और टोकन दें। उसी के अनुसार निश्चित तारीख पर किसानों को खाद लेने के लिये बुलाया जाए। इससे वितरण केन्द्र पर भीड़ नहीं होगी। किसानों को खाद आसानी से मिल जाएगा तथा प्रशासन को भी वितरण में कठिनाई नहीं होगी। उन्होंने कहा, कि प्रत्येक मंगलवार को प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित स्थान पर पुलिस का बीट प्रभारी, पटवारी तथा पंचायत सचिव बैठें। वे आपसी विवादों को समझौते के द्वारा निपटाएं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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