रामपुरकलां(नईदुनिया न्यूज)। रामपुर कलां के जेपी तिराहा पर रहने वाले रहवासी पिछले लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे है। इस जगह पर पेयजल संकट के निराकरण के लिए एक हैंडपंप जेपी तिराहा पर लगाने के निर्देश केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सांसद नरेंद्र सिंह तोमर ने दिए। लेकिन इसके बावजूद यहां हैंडपंप खनन नहीं कराया गया। खासबात यह है कि इस समस्या को लेकर लोग सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत कर चुके, लेकिन इन समस्याओं का पीएचइ के अधिकारी खुद ही बिना शिकायतकर्ता से पूछताछ के निराकरण कर देते हैं।

उल्लेखनीय है कि जेपी तिराहा पर पेयजल संकट के चलते स्थानीय लोगों ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की। जिसमें बताया कि गोदाम बस्ती में जो बोर खनन कराया गया था। उसमें कई लोगों ने अवैध तरीके से अपने कनेक्शन कर लिए। जिससे जेपी तिराहा के रहवासियों के लिए पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही। खासबात यह है कि यहां गोदाम बस्ती में ही दो बोर पास पास में खनन करा दिए गए। जबकि यहां पहले से ही पानी का इंतजाम था। लेकिन इसके बाद एक बोर में मोटर गिर गई। जिससे एक बोर बंद हो गया। जिससे जेपी तिराहे पर पानी की सप्लाई होती है। इसके बाद यहां कोई पेयजल का इंतजाम नहीं किया गया। इस शिकायत के बाद पीएचइ के अधिकारियों ने यह कहते हुए शिकायत का निराकरण किया कि गांव में 432 लाख रुपये की नलजल योजना पर काम किया जा रहा हैं जबकि हकीकत यह है कि यहां धरातल पर रत्तीभर भी नलजल योजना पर काम शुरू नहीं किया गया है। वहीं बताया जाता है कि यह मामला तो अब कोर्ट में ही लटक गया है। यहां पेयजल के निराकरण के लिए यह कह दिया गया कि शिकायतकर्ता के घर से महज 50 मीटर की दूरी पर हैंडपंप है, लेकिन यहां यह निराकरण नहीं किया गया कि जो पाइप लाइन घरों तक आई है उसमें पानी क्यों नहीं आ रहा। अधिकारियों की इस लापारवाही की वजह से दर्जनों परिवार लंबे समय से प्राइवेट बोरों से ही पानी खरीदने को मजबूर हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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