मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर निगम ने धौलपुर रोड पर अतरसुमा के पास मल्टी स्टोरी आवासीय कॉलोनी विकसित की है। इस आवासीय कॉलोनी में गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए 1410 आवास बनाए जा रहे हैं, जिनमें से आधे आवास बनकर तैयार हैं और लगभग 80 परिवार यहां रहने भी लगे हैं। यह कॉलोनी जब आबाद होना शुरू हुई, तभी इसमें मूलभूत सुविधाओं का टोटा हो गया। न तो कॉलोनी की गलियों में सड़कें हैं, नहीं बिजली व पीने के पानी के उचित इंतजाम। इस बदहाली का असर यह पड़ रहा है, कि जिन बेघर गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों ने खुद के घर का सपना सजोया, वह बिखरने लगा है। क्योंकि जो परिवार यहां रहने पहुंचे, उनमें से कई यहां से पलायन करके फिर किराए के मकानों में रहने पहुंच गए।

गौरतलब है कि पीएम आवास योजना के तहत अतरसुमा आवासीय योजना के तहत विकसित की गई बहुमंजिला आवासीय कॉलोनी में 1116 ईडब्ल्यूएस आवास, 240 एलआईजी और और 60 एमआईजी ग्रुप के आवास बनाए जा रहे हैं। यह सरकारी अनुदान के साथ ऐसे गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को आवास दिए जा रहे हैं, जिनके पास खुद का घर नहीं। अभी तक 1100 से ज्यादा जरूरतमंदों ने यहां आवास खरीद लिए हैं और 80 ज्यादा परिवार यहां रहने भी लगे, लेकिन बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का यहां टोटा है। कई परिवार महीनों रहने के बाद यहां से वापस मुरैना शहर में किराए के मकानों में आ गए हैं।

यहां ईडब्ल्यूएस 1116, एलआईजी 240 और एमआईजी 60 आवास बनाये जा रहें। इसमें से ईडब्ल्यूएस आवास 1 हजार 69 पंजीकृत हुए हैं, इनमें 240 आवास पूर्ण कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराए जा चुके है। जिनमें से 40 से 50 हितग्राही उन आवासों में निवासरत है। इन परिवारों को बिजली, पानी, सड़क की मूलभूत समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। लगातार शिकायतों के बाद दो 28 सितंबर को कलेक्टर बी कार्तिकेयन, एसडीएम व ननि आयुक्त संजीव जैन इस कॉलोनी का निरीक्षण करने पहुंवे अव्यवस्थाओं पर कलेक्टर ने भी नाराजगी जताई और कलेक्टर ने निर्माण एजेन्सी को 15 दिन के अंदर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए, लेकिन 15 दिन की बजाय दो महीने बाद भी यहां हालात जस के तस हैं। इस बदहाली के कारण करीब 8 लोगों ने तो अपने आवासों को बेचने के लिए ग्राहक तलाशना शुरू कर दिया है।

असुविधाओं ने किया बेघर, आना पड़ा किरा के मकान में:

-अतरसुमा आवासी कॉलोनी में आवास नंबर 14-301 के मालिक संजू सिकरवार अपने खुद के घर को छोड़कर अब मुरैना शहर में किराए के मकान में रहने आ गए हैं। वह बताते हैं, कि यहां बिजली, पानी के साथ सड़क की किल्ल्‌त है।

-प्रवीण गोयल ने अपनी कमाई से अतरसुमा आवासीय कॉलोनी में 15-101 नंबर का आवास लिया, लेकिन एक दिन इसी कॉलोनी में उनके साथ लूट हो गई। इससे डरे प्रवीण गोयल अपने आवास को खाली कर शहर में किराए के मकान में आ गए।

- किराए के मकान में सालों से रह रहे रामस्वरूप तोमर ने पाई-पाई जोड़कर यहां 14-201 नंबर का आवास खरीदा। छह महीने रहे और इस दौरान पीने के पानी के अलावा सफाई और बरसात में कीचड़ से इतने बेहाल हुए कि इस आवास को खाली कर दोबारा किराए के मकान में पहुंच गए।

- 14-101 में रहने वाले लाला खां ने भी अपना खुद का घर छोड़कर इस्लामपुरा में किराए का मकान ले लिया है। वह बताते हैं कि यहां जाने के बाद रोजगार ठप हो गया। बच्चों की पढ़ाई के लिए नजदीक में कोई स्कूल भी नहीं, इसीलिए इसे खाली करना पड़ा है।

बजट बिना आधे आवास अधूरे, नहीं बना बाजारः

इस आवासीय कॉलोनी के आधे आवासों का निर्माण कार्य तो अधूरा पड़ा है, ऐसा इसलिए क्योंकि निर्माण एजेंसी को नगर निगम भुगतान नहीं कर पा रहा है। इस कॉलोनी में बाजार विकसित करने के लिए 70 दुकानें बननी थीं, जिनका निर्माण भी अब तक शुरू नहीं हुआ है। फिलहाल स्थिति यह है, कि जब इस कॉलोनी को विकसित करने का समय आया और लोग रहने लगे तभी यहां दुर्दशाओं ने इस योजना का ऐसा दुष्प्रचार कर दिया है, कि जो आवास अभी तक बिक नहीं पाए हैं, उनका बिकना मुश्किल हो गया है। अगर आवासों का पंजीयन नहीं हुआ तो इस योजना का पूरा होना भी मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि ननि के पास बजट ही नहीं है।

वर्जन

- यहां पीने का पानी नियमित नहीं मिल रहा। बिजली का पता नहीं कब गुल हो जाए और कितनी देर बाद बहाल होगी। पूरी गलियों में धूल व कीचड़ है। इस योजना की जैसी तस्वीरें दिखाईं और जो सुविधाएं बताई गईं, उनमें से आधी भी मिल जाएं तो यहां से कोई परिवार कहीं नहीं जाए।

राजेन्द्र सक्सेना

स्थानीय निवासी

- यहां से अस्पताल, बच्चों का स्कूल और बाजार सबकुछ दूर है। बरसात में गलियों के कीचड़ से निकलना मुश्किल हो जाता है। अब बिजली कटौती व पेयजल से परेशान हैं। यहां रहना परेशानी भरा हो गया है, इसीलिए कई परिवार आवास छोड़कर चले गए और कईयों जाने को तैयार बैठे हैं।

पप्पू माहौर स्थानीय निवासी

- इस कॉलोनी में ग्रामीण फीडर होने से बिजली की समस्या हो सकती है, लेकिन पानी की सप्लाई को हम दुरुस्त कर रहे हैं। कुछ सड़कों का निर्माण पूरा करवाने और सीवर लाइन कनेक्शन के लिए जल्द ही इंजीनियरों की टीम वहां दौरा करेगी। इस योजना को विकसित करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

संजीव जैन

आयुक्त, नगर निगम मुरैना

Posted By: Nai Dunia News Network

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