मुरैना-पोरसा। पशुओं में फैली बीमारी के बाद अब लोगों के बीच महामारी फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है, इसकी वजह है कि ग्रामीण इलाकों में मवेशियों की मौत हो रही है, ऐसे में इन मृत मवेशियों को सड़कों के किनारों पर ग्रामीण फेंक रहे हैं। ऐसा ही नजारा पोरसा से दो किमी दूर रामदीन की खोड गांव में देखने को मिला। जहां सड़क किनारे ही मृत पशुओं के शवों के ढेर लगे हैं। जिससे उठती दुर्गंध की वजह से ग्रामीणों को टिकना भी मुश्किल हो गया है। उधर जिलेभर में अभी तक पांच सैंकड़ा से ज्यादा मवेशियों की मौत हो चुकी है,लेकिन पशु चिकित्सकों की टीम अपनी तक इस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई है कि पशु यह किस बीमारी के चलते मर रहे हैं। इसके लक्षण तक पकड़ में नहीं आ पा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि जिले में पशुओं के बीच कोई अज्ञात बीमारी फैल गई है, जिसकी वजह से पिछले एक महीने में ही यहां लगभग पांच सैंकड़ा से ज्यादा मवेशियों की एक दर्जन से अधिक गांवों में मौत हो चुकी है। सरकारी आंकड़े में ही लगभग 250 के करीब मवेशियों की मौत बताई जा रही है, लेकिन हकीकत में यह संख्या इससे भी दोगुनी है। परेशानी यह है कि ग्रामीण मवेशी की मौत के बाद इनको सड़कों के किनारे पर फेंक रहे हैं। पोरसा के रामदीन की खोड गांव के किनारे पर लगभग 50 से 60 मवेशियों की शव जगह जगह बिखरे पड़े हुए है। जिसकी वजह से महामारी जैसी स्थिति बन रही है। लोगों का घरों में दुर्गंध की वजह से घरों में टिकना मुश्किल हो रहा हैं वहीं गांव के मुख्य सड़क पर मवेशियों के शवों का ढेर होने की वजह से इस रास्ते से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। जिस पर रविवार को रामदीन की खोड गांव के सभी ग्रामीण इकट्ठा हो गए। इसके बाद पुलिस को भी ग्रामीणों ने सूचना दे दी। जिस पर मौके पर पोरसा थाने के पुलिस कर्मी पहुंचे। जहां इन शवों को किसने फेंका है उन ग्रामीणों के बारे में पूछताछ कर चले गए। परेशानी से जूझ रहे ग्रामीणों ने इसके लिए तहसीलदार व नगर पालिका सीएमओ को भी सूचना दी है, जिससे इन मृत मवेशियों को जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदकर गाढ़ने की व्यवस्था हो सके। ग्रामीणों के बीच इतना आक्रोश था कि वह जाम लगाने का भी विचार कर रहे थे। लेकिन उन्होंने इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने ऐसा न करने की बात कहकर आगामी समय मे आंदोलन करने की चेतावनी दी।

बीमारी क्या, नहीं पता चल रहा, बरेली भेजे जाएंगें सैंपलः

मवेशियों के बीच कोई अज्ञात बीमारी फैली है। जिससे लगातार मवेशियों की मौत हो रही है, लेकिन यह बीमारी कौन सी है अभी तक इसका स्पष्ट पता नहीं चल सका है। यहां इसकी गंभीरता को देखते हुए जबलपुर व भोपाल से भी छह डाक्टरों की टीम बुलाई गई। जिसने ग्रामीण इलाकों में जाकर इस बीमारी के बारे में पता करने का प्रयास किया, लेकिन कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं हो सका। जिसके बाद पीएम के बाद बिसरा ऑर्गेन व ब्लड स्लाइड को जांच के लिए भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आ पाई है। उधर अब बीमारी की गंभीरता को देखते हुए मवेशियों के सैंपलों को देश के सबसे बड़े भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान बरेली के लिए भेजा जाएगा। जिससे इस बीमारी और इसकी दवा के बारे में ठीक से पता चले। अभी तक जो भी टीकाकरण या उपचार डाक्टरों की टीमों ने किया है। उसका कोई फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है।

डाक्टरों ने यह दी है ग्रामीणों को सलाहः

पीएम रिपोर्ट में फिलहाल आंतों में इंस्फेक्शन, निमोनिया, हीमोग्लोबिन की कमी आती लक्षण मवेशियों में देखे। जिस है पर ग्रामीणों को डाक्टरों की टीम ने बाजरा की करब न खिलाने की सलाह दी हैं इसकी वजह है बारिश की वजह से करब गीली हो गई थी, जिसमें फंगस लग गया हैं संभवतः इस फंगस की वजह से यह इंफेक्शन हो रहा है। वहीं निमोनिया के लिए मवेशियों को सर्दी से बचाने व शवों को जमीन में दफनाने की भी सलाह डाक्टरों ने दी है।

इन गांवों में हुई है अभी तक मवेशयों की मौतः

जिले में कैलारस व पोरसा के इलाकों में मवेशियों की मौत के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं। यहां पोरसा के सांवलपुरा, रजौधा, पियनी, रामदीन की खोड सहित अन्य गांव तथा कैलारस के माली बाजना, बाल्हेरा सहित अन्य गांवों में सबसे ज्यादा मवेशी मरे हैं। यहां कैलारस में एक महीने पहले ही लगभग 250 मवेशियों की मौत हो चुकी थी। जिसके बाद पशु चिकित्सकों की टीम यहां पहुंच पाई थी। इसके बाद पोरसा में मामले सामने आना शुरू हो गए।

कथन

-अभी जांच रिपोर्ट भोपाल से नहीं आई है संभवत कल तक आ जाएगी। बीमारी क्या है इसे अभी ठीक से नहीं कह सकते। डाक्टर इलाज कर रहे है, पशु चुगाली करने लगता है लेकिन कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो जाती है। इसलिए अब सैंपलों को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान भेज रहे है। जिससे बीमारी के बारे में पता चले। डाक्टरों की टीम लगातार जुटी हुई है। कलेक्टर ने भी स्पष्ट निर्देश दे दिए है कि अगर बाजार से अच्छी दवाएं खरीदने की जरूरत हो तो बाजार से खरीदें।

रामकुमार त्यागी, उप संचालक

पशु चिकित्सा सेवाएं मुरैना।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local