मुरैना। नईदुनिया प्रतिनिधि

जर्जर हाल हाईवे लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। मेंटनेंस से पहले खोदे गए हाईवे के कारण मंगलवार को बानमोर में बाइक फिसलने से मामा-भांजी की दर्दनाक मौत हो गई। बुधवार की सुबह जिला मुख्यालय पर हाईवे के गड्ढों में सरसों से भरी ट्राली पलट गई। इस कारण वैरियर क्षेत्र में हाईवे की एक साइड में घंटों तक यातायात बाधित रहा। शहर से गुजरे हाईवे की दशा और पुलिसकर्मियों के बर्ताव के खिलाफ बसपा नेता सड़क पर भरे नाले के पानी में धरना देकर बैठ गए, फिर किसानों ने भी हंगामा कर दिया। करीब साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद ट्राली को सीधा करके हटाया गया, तब कहीं यातायात बहाल हुआ।

नूराबाद थाना क्षेत्र के खड़गपुर-भर्राड़ गांव के किसान रामहेत जाटव, रामप्रकाश जाटव और गरीबा जाटव भाड़े से ट्रैक्टर-ट्राली को करके अपनी 34 क्विंटल से ज्यादा सरसों को मुरैना कृषि मंडी में बेचने आ रहे थे। सुबह साढ़े 4 बजे के करीब सरसों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली वैरियर को निकलकर, सिविल लाइन थाने के पास पहुंची थी। यहां हाईवे की साइड में भरे नाले के पानी और उसमें हुए गहरे गड्ढों से बचने का प्रयास करते हुए ड्राइवर ट्रैक्टर-ट्राली को निकाल रहा था, डेढ़ फीट से ज्यादा गहरे गड्ढे में अचानक ट्राली का पहिया उतरा और ट्राली पलट गई। इस दौरान ट्राली में सरसों के बोरों पर बैठे तीन लोग बाल-बाल बच गए। ट्राली में भरी पूरी सरसों सड़क पर भरे नाले के गंदे पानी में डूब गई। ट्राली पलटने से वैरियर से धौलपुर जाने वाली साइड पर यातायात बाधित हो गया। दोनों ओर के वाहन एक साइड से निकालने के कारण बार-बार जाम के हालात बने। सुबह 8 बजे सिविल लाइन थाने के पुलिसकर्मी पहुंचे। उन्होंने ट्राली को सीधा करके हटाने का कहा, लेकिन गुस्साए किसानों ने ऐसा नहीं करने दिया। इसी दौरान बसपा नेता रामप्रकाश राजौरिया वहां पहुंच गए। किसानों का हंगामा बढ़ते देख एक पुलिसकर्मी ने ट्राली को सीधा करके थाने ले जाने की धमकी दे दी। इससे गुस्साए बसपा नेता राजौरिया हाईवे पर भरे नाले के पानी में धरना देकर बैठ गए। यह देख ट्राली को थाने ले जाने वाले पुलिसकर्मी वहां से खिसक गए। सुबह साढ़े 8 बजे जेसीबी से ट्राली को सीधा किया गया। इसके बाद यातायात बहाल हुआ। पानी में डूबकर गीली हुई सरसों को किसानों ने एक खाली प्लाट में तिरपाल बिछाकर सुखाने डाल दिया।

नाले के पानी में बैठ मुट्ठियों से भरकर इकट्ठा की सरसों

हाईवे पर भरे पानी में ट्राली पलटी तो पूरी सरसों उसमें डूब गई। सरसों के बोरों को तो आसानी से निकाल लिया, लेकिन ट्राली में भरी खुली सरसों नाले में पानी में समा गई। इसके बाद किसानों ने चलना की मदद से एक-एक मुटठ्ी करके पानी में डूबी सरसों को इकट्ठा करना शुरू किया। सुबह साढ़े 4 से 10 बजे तक किसान ऐसे ही सरसों को जुटाने में लगे रहे, लेकिन ट्राली में भरी आधी सरसों गड्ढों में समा गई या बहाव में बह गई। आंखों में आंसू भरते हुए किसान गरीबा जाटव ने कहा कि परिवार में शादी है। सरसों बेचकर शादी की तैयारी करनी थी। अब क्या करें, गीली सरसों को व्यापारी खरीदेंगे भी नहीं।

नईदुनिया ने पहले ही चेताया, जिम्मेदार सुध कब देंगे...?

शहर के बीच से गुजरे हाईवों की जर्जर हालत का मुद्दा नईदुनिया ने सबसे पहले उठाया था। 17 मई के अंक में नईदुनिया ने नेशनल हाईवे 552 (जौरा रोड) की हालत के साथ ही नेशनल हाईवे तीन पर भरे नालों के पानी और गहरे गड्ढों का मामला उठाया था। नईदुनिया ने सिविल लाइन थाने के आसपास, हाईवे पर भरे रहने वाले पानी व गड्ढों के कारण हो रहे हादसों से भी जिला प्रशासन को सचेत किया था, इसी जगह बुधवार तड़के सरसों से भरी ट्राली पलटी है। स्थानीय दुकानदार राजेश कुशवाह का कहना है कि इन गड्ढों में हर रोज 8-10 बाइक सवार और 5-7 ई रिक्शा पलटते हैं।

वर्जन

- वैरियर के पास मुख्य हाईवे पर डेढ़ से दो फीट तक के गड्ढे हैं। इनमें आए दिन ई-रिक्शा व अन्य वाहन पलट रहे हैं। गड्ढों के कारण ट्राली पलटी और किसानों का एक से डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हो गया। तीन लोग बाल-बाल बचे हैं। इन गड्ढों को सही करवाने के बजाय, नाले की सफाई कराने के बजाय किसानों व ट्राली को थाने ले जाने की धमकी दे रहे थे। अगर समय पर ध्यान नहीं दिया तो, किसी दिन यहां बड़ा हादसा होगा।

रामप्रकाश राजौरिया

बसपा नेता

- पानी भराव के कारण हाईवे पर बहुत गड्ढे हो गए हैं। इनसे हादसों का डर रहता ही है, इसीलिए मैंने मंगलवार को ही नगर निगम के कर्मचारियें को इसमें मिट्टी-मुरम डालने को कहा था, लेकिन कुछ हुआ नहीं। हमने जेसीबी से कुछ मिट्टी गड्ढों में भरवा दी है।

प्रवीण सिंह चौहान

टीआइ, सिविल लाइन थाना

Posted By: Nai Dunia News Network

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