अंबाह। अंबाह के चतुर की गढ़ी गांव में फाल्ट सुधारने के लिए खंभे पर चढ़े आउटसोर्स लाइनमैन की एक दम से लाइन चालू होने से करंट लग गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लाइनमैन का शव खंभे पर ही लटका रह गया। घटना के बाद यहां खासी भीड़ जमा हो गई। जिसके बाद दोपहर 12 बजे के करीब स्वजन व ग्रामीण इकट्ठा हो गए। जिन्होंने शव को खंभे से उतारे बगैर ही अंबाह पहुंचकर मुरैना तिराहे पर जाम लगा दिया। इसके बाद आगे बढ़कर बड़फरा के पास आकर जाम लगा। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार नरेश शर्मा मौके पर पहुंच गए। इसके साथ ही एएसपी राय सिंह नरवरिया भी मौके पर पहुंचे। जहां स्वजन को समझाइश दी। वहीं इस पूरे मामले में दोषियों पर कार्रवाई तथा मृतक के स्वजन को आर्थिक सहायता देने आ आश्वासन दिया। इसके बाद यह जाम खोला गया। इस दौरान लगभग ढाई घंटे तक यहां जाम लगा रहा। उधर इसके बाद ही लगभग पांच घंटे बाद शव को खंभे से उतारा गया।

जानकारी के मुताबिक तरैनी गांव निवासी जयचंद्र सिंह तोमर पिछले 10 साल से अंबाह में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में काम कर रहा था। लेकिन पिछले दिनों आई आंधी की वजह से कई जगह फाल्ट हो गए थे। जिनको सुधारने का काम किया जा रहा था। इसी बीच चतुर की गढ़ी गांव में फाल्ट की सूचना मिली। जिस पर जयचंद्र अपने दो साथियों के साथ फाल्ट को सुधारने के लिए पहुंचा। जिसके लिए उसने बकायदा परमिट भी लिया। जब जयचंद्र खंभे पर चढ़कर इस लाइन को सुधार रहा था। इसी बीच लाइन में करंट दौड़ गया। जिससे जयचंद्र की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर में ही यहां ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। वहीं बताया जाता है कि बिजली कंपनी के कर्मचारी व उप महाप्रबंधक भी पहुंच गए। जहां इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उधर सूचना मिलने के बाद मृतक जयचंद्र के स्वजन पहुंच गए। जहां उन्होंने शव को खंभे से नीचे नहीं उतारा। वहीं अंबाह पहुंचकर आक्रोशित स्वजन ने मुरैना तिराहे पर जाम लगा दिया। लेकिन इसके कुछ देर बाद ही वह बड़फरा के पास पहुंच गए। जहां उन्होंने जाम लगा दिया। स्वजन की मांग थी कि इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही मृतक के स्वजन को आर्थिक सहायता दी जाए। जाम की सूचना पर अंबाह पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन स्वजन जाम खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद नायब तहसीलदार नरेश शर्मा व एएसपी राय सिंह नरवरिया पहुंचे। तब समझाइश और आश्वासन के बाद जाम खोला गया। वहीं शव को खंभे से नीचे उताकर अंबाह अस्पताल भेजा गया।

मृतक के स्वजन को चार लाख रुपये व स्वजन को नौकरी का आश्वासनः

यहां नायब तहसीलदार व एएसपी ने आक्रोशित स्वजन को चार लाख रुपये आर्थिक सहायता देने, बीमा के पांच लाख रुपये दिलाने तथा बेटे को बिजली कंपनी में नौकरी तथा पत्नी को आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद आक्रोशित स्वजन माने। जिसके बाद ही यहां जाम खोला गया। जाम मुरैना रोड पर लगाया गया। जिससे लगभग ढ़ाई घंटे तक वाहन यहां जाम में फंसे रहे। स्वजन अधिकारियों को भी बुलाने की मांग कर रहे थे। वहीं एएसपी ने इस मामले में जो भी फीडर आपरेटर दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।

तीन लाइन मिलती है चतुर की गढ़ी गांव में:

चतुर की गढ़ी गांव में तीन फीडरों की लाइन मिलती है। जिसमें एक लाइन अंबाह फीडर से, दूसरी गूंज बंधा गांव की व तीसरी लाइन अन्य फीडर की आकर मिलती है। जिसमें बताया जा रहा है कि दो फीडरों से तो परमिट ले लिया गया। लेकिन तीसरे फीडर से परमिट नहीं लिया गया। जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि अभी पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। फीडरों के रजिस्टर व उनसे परमिट की स्थिति देख रही है। वहीं यह भी पता लगा रही है कि लाइन किस फीडर से चालू की गई थी। जिससे दोषी पर कार्रवाई की जाए।

------मनीष शर्मा

Posted By: Nai Dunia News Network

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