पोरसा(नईदुनिया न्यूज)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए एक महीने पहले से ही तैयारियां शुरू हो चुकी थी। जिसमें मतदान केंद्रों का निर्माण व यहां की व्यवस्थाओं के निर्देश दिए गए थे, लेकिन पोरसा क्षेत्र में मतदान केंद्रों की हालत देखकर लग रहा है कि यहां व्यवस्थाएं जुटाना तो दूर की बात है स्थल चयन में भी कोताही बरती गई। जिसकी वजह से अब यहां मतदाताओं से ज्यादा इन मतदान केंद्रों पर आने वाले ड्यूटी कर्मचारी परेशानी झेलेंगें। यहां दो मतदान केंद्रों की बात की जाए तो पहला कोंथर खुर्द पंचायत का मतदान केंद्र शासकीय प्रावि में मनाया गया है। जहां भवन जर्जर स्थिति में हैं। जहां किसी तरह की कोई व्यवस्था यहां नहीं जुटाई गई है। दूसरी पंचायत दोहरोटा है। जहां शासकीय स्कूल के परिसर में जलभराव और गोबर के ढेर लग हुए हैं। इसी बीच में अब मतदान के ंलिए महज दो दिन शेष रह गए हैं।

उल्लेखनीय है कि मतदाताओं की सहूलियत के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए थे। लेकिन यहां जिम्मेदारों ने मतदान केंद्रों पर सिर्फ नंबर और नाम लिखने के अलावा कोई व्यवस्थाएं नहीं जुटाई। पोरसा जनपद के अधीन आने वाले कोंथर खुर्द पंचायत में मतदान केंद्र क्रमांक 223 बनाया गया है। इस मतदान केंद्र को शासकीय प्राथमिक विद्यालय में बनाया गया है, लेकिन इसकी हालत ऐसी है कि यहां ठीक से खड़ा भी नहीं हुआ जा सकता। पूरा ही भवन जर्जर स्थिति में है। यह मतदान केंद्र कम मवेशियों का तबेला ज्यादा लग रहा है। इसके कमरों की हालत ऐसी है कि न तो इसमें फर्स है और न इसकी सफाई की गई है। पूरी तरह से सीलन भरे जर्जर कमरों में यहां मतदान की व्यवस्था कर दी गई है। जहां पहुंचने वाले ड्यूटी कर्मचारियों के लिए भी मुसीबत होगी। अब यहां दो दिन बाद 25 जून को मतदान किया जाना है। लेकिन इसकी दुर्दशा देखकर लग नहीं रहा है कि यहां कोई मतदान केंद्र भी बनाया गया हैं। महज जगह चिन्हित की और इसको मतदान केंद्र घोषित कर दिया गया। जबकि यहां इस मतदान केंद्र का भौतिक रूप से भी निरीक्षण किया जाना था, लेकिन इसकी हालत देखकर लग रहा है कि अधिकारियों ने इस मतदान केंद्र को आकर कभी देखा ही नहीं हैं। ग्रामीण भी इसको लेकर आश्चर्य चकित है कि बिना किसी व्यवस्था किए हुए ही इस जर्जर भवन को ही मतदान केंद्र बना दिया गया। ऐसे में इस गर्मी के मौसम में दिनभर कर्मचारी बैठकर कैसे मतदान कराएंगें।

दोहरोटा में परिसर में जलभराव और गोबर के ढेरः

यहां मतदान केंद्रों के चयन करते समय यहां व्यवस्थाएं ठीक से नहीं जुटाई गई। दोहरोटा पंचायत की बात की जाए तो यहां मतदान केंद्र भवन शासकीय प्राथमिक विद्यालय को बनाया गया है। जहां भवन की हालत ठीक है लेकिन इसके परिसर में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही यहां गोबर के भी ढेर लगे हुए हैं। खासबात यह है कि यह पानी बरसात का नहीं है। बल्कि यहां गंदे नाले का पानी इस परिसर में भर रहा है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पंचायत सचिव से कई बार की। लेकिन यहां स्कूल की न तो बाउंड्री बनाई गई और न ही यहां इस परिसर से गोबर के ढेर ही हटाए गए। अब दो दिन बाद यहां मतदाता मतदान करने के लिए पहुंचेंगे। जिन्हें इसी जलभराव के बीच से ही गुजरना पड़ेगा। दूसरी परेशानी यह है कि यहां बाउंड्री न होने की वजह से मवेशी दिनभर परिसर में ही बैठे रहते है। जिससे यहां गंदगी परिसरी रहती है।

मतदान केंद्र पर यह होनी चाहिए व्यवस्थाएं:

मतदान केंद्र में कर्मचारियों के लिए बैठने के लिए पर्याप्त व सुरक्षित स्थान होना चाहिए। अगर कहीं खिड़की भी टूटीं है। तो उन्हें ठीक कराया जाना चाहिए। दिव्यांगों के लिए जहां रेंप की जरूरत है। तो वहां रेंप की व्यवस्था की जानी चाहिए। रोशनी के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। इसकी वजह है कि रात के समय ही यहां ड्यूटी कर्मचारी पहुंच जाएंगें। उन्हें यहां ठहरने के लिए भी व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन कोंथर खुर्द की बात की जाए तो यहां तो खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था।

कथन

-इन मतदान केंद्रों के वीडियो हमें उपलब्ध कराएं। इन्हें हम सीइओ को भेजकर व्यवस्था कराते हैं।

अनिल राघव, तहसीलदार पोरसा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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