बानमोर। रेलवे क्रासिंग को पार करने के लिए बानमोर रेलवे स्टेशन पर फुट ब्रिज का निर्माण कराया गया है। लेकिन कंपनी ने यहां सुविधाएं नहीं जुटाई है। जिसमें सबसे अहम सुविधा बिजली की है। जिसकी वजह से शाम ढलते ही यहां पुल में अंधेरा पसर जाता है। जिसकी वजह से यहां रात के समय शरारती तत्वों का जमाबड़ा लगा रहता है। ऐसे में यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी बनी रहती है। इसके बावजूद अभी तक यहां बिजली की व्यवस्था नहीं की गई है। यहां प्लेटफार्म की बात की जाए तो फ्लेटफार्म पर इस भीषण गर्मी में पेयजल तक का इंतजाम नहीं किया गया है। जिससे यात्री सुविधाएं जुटाने के लिए यहां कोई प्रयास नहीं किया गया है।

उल्लेखनीय है कि बानमोर में ब्राडगेज की तीसरी रेल लाइन डालने का काम किया गया। जिसके चलते यहां 20 करोड़ रुपये की लागत से नवीन रेलवे स्टेशन भी तैयार कराया गया है। लेकिन इस रेलवे स्टेशन को आनन फानन में ही चालू कर दिया गया। इस प्लेट फार्म को तैयारियां पूरी होने के बाद चालू होना चाहिए। लेकिन यहां यात्री सुविधाओं को जुटाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। जिसकी वजह से यहां आने वाले यात्रियों को खासी परेशानी भुगतनी पड़ रही है। यहां प्लेट फार्म नंबर एक से प्लेट फार्म नंबर दो पर जाने के लिए एक फुट ब्रिज भी बनवाया गया है, लेकिन यहां न तो फ्लेटफार्म नंबर दो पर रोशनी का इंतजाम किया गया और न ही इस फुट ब्रिज पर इंतजाम किया गया। शाम होते ही यह पूरी तरह से अंधेरे में डूब जाता हैं जिसकी वजह से यह शरारती तत्वों की आरामगाह बन चुका है। यात्रियों को रात के अंधेरे में इस ब्रिज से ही होकर गुजरना पड़ता है। जिससे यहां किसी बारदात होने का डर लगा रहता है। लेकिन न तो प्लेट फार्म पर रोशनी का इंतजाम किया गया है और न ही फुट ओवर ब्रिज पर। ऐसे में यात्री यहां लगातार सुविधाओं की मांग उठाते रहते हैं।

पीने के पानी के लिए रखीं टंकियों से आता है गर्म पानीः

यहां पीने के पानी का भीषण गर्मी में कोई इंतजाम नहीं किया। जब इसकी शिकायतें की गई तो यहां पानी के इंतजाम के लिए काले रंग की टंकियों को रख दिया गया हैं जिसकी वजह से इन टंकियों से भीषण गर्मी में गर्म पानी ही निकलता है। जिसकी वजह से यात्री क्या, यहां के कर्मचारी तक इनका इस्तेमाल नहीं करते है। महज यहां देखने के लिए पानी का इंतजाम कर दिया गया है। ऐसे में लोगों को स्टेशन से बाहर निकलकर ही पानी पीने के लिए जाना पड़ता है। कर्मचारी अपने घर से ही पानी लाते है या फिर उन्हें भी बाहर आकर पानी लाना पड़ता है।

फुट ब्रिज पर दिव्यांगों के लिए नहीं बना रेंपः

स्टेशन को पार करने के लिए फुट ब्रिज तो बना दिया गया है। लेकिन इसमें दिव्यांगों के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। आम तौर पर अब स्टेशन पर ब्रिज रेंप की तरह बनाए जाते है। जिससे दिव्यांगों और मरीजों को इससे निकालकर दूसरे स्टेशन पार ले जाया जा सके। लेकिन यहां कोई भी रेंप नहीं बनाया गया है। ऐसे में दिव्यांग व मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। जबकि यहां करोड़ों रुपये स्टेशन पर खर्च किए गए हैं।

कथन

-बिजली की सुविधा स्टेशन पर की गई है कि नहीं इसकी हमें जानकारी नहीं है। हमारी ड्यूटी तो दिन में रहती हैं।

आरकेएस चौहान, स्टेशन मास्टर बानमोर

Posted By: Nai Dunia News Network

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