मुरैना (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उमसभरी गर्मी सेहत और खेती के लिए नुकसान दायक साबित हो रही है। बेचैन करने वाली इस गर्मी के कारण जिला अस्ताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। उधर खेतों में एक बार बोवनी कर चुके किसानों के सामने दोबारा बोवनी का संकट खड़ा हो गया है। इन सब के बीच बारिश के आसार दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे।

बीते एक पखवाड़े से उमसभरी गर्मी ने जनजीवन बेहाल कर रखा है। मौसम ऐसा है कि दोपहर में धूप की तपन झुलसाने वाली गर्मी का अहसास करा रही है, तो सुबह, शाम और रात में उमसभरी गर्मी बेचैन करती है। पंखे गर्म हवा दे रहे हैं, तो कूलरों की हवा चिपचिपाने वाली गर्मी का अहसास करा रहे हैं। यह गर्मी सेहत पर भारी पड़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में आम दिनों में 1100 से 1200 मरीज आते थे, जिनकी संख्या अब डेढ़ हजार या इससे पार हो चुकी है। अस्पताल में पहुंच रहे मरीजों में सबसे ज्यादा मरीज बुखार, उल्टी, दस्त या पेट संबंधी गर्मी जनित रोगों के पीड़ित होते हैं। मरीजों की भीड़ के कारण भर्ती वार्ड छोटे पड़ गए हैं। मेडिसिन वार्ड के एक पलंग पर दो-दो मरीज हैं तो दर्जनों मरीजों को गैलरी में भर्ती किया जा रहा है। जिला अस्पताल के डा. जीएस तोमर ने कहा कि ऐसे मौसम में बाहर के खान-पीन के कारण स्वास्थ्य खराब होता है। डा. तोमर के अनुसार ऐसे मौसम में खूब पानी पिएं, तला हुआ व बाजार का खाना नहीं खाएं।

पांच दिन तक नहीं बारिश, सताएगी उमसभरी गर्मीः

उमसभरी गर्मी से फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली। यह हम नहीं बल्कि मौसम विभाग की भविष्यवाणी है। मौसम विभाग के अनुसार अंचल और आसपास के क्षेत्र में कहीं भी कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय नहीं है। इस कारण आगामी पांच दिन तक बारिश के कोई आसार नहीं। मौसम विभाग के विशेषज्ञ डा. हरवेंद्र सिंह ने बताया, कि पांच दिन तक हल्की बूंदाबांदी होगी। आसमान साफ रहेगा, इस कारण चिलचिलाती धूप भी खिलेगा, ऐसे में हल्की बूंदाबांदी से उमस और ज्यादा बढ़ेगी। मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। बीते सात दिन से दिन व रात के तापमान में हल्की-हल्की गिरावट हो रही है, पर गर्मी का असर बढ़ता ही जा रहा है।

खेतों में खराब हुआ बीज, दोबारा करनी होगी बोवनीः

जून महीने के पहले पखवाड़े में प्री-मानसून के तहत लगातार चार दिन तक रुक-रुककर झमाझम बारिश हुई थी। चार दिन में 110 एमएम से ज्यादा बारिश हुई थी। खेत पानी से लबालब हो गए थे, इसीलिए किसानों ने खेतों में बाजरा की बोवनी कर दी थी, लेकिन इसके बाद बादल ऐसे लापता हुए, कि 20 दिन में एक भी अच्छी बारिश नहीं हुई है। इसका असर यह हुआ है, कि जिन किसानों ने बाजरा की बोवनी कर दी है, उनका बीज खेतों में ही गर्मी से खराब हो गया है। स्थिति यह है कि एक चौथाई बीज ही उपजा है, ऐसे में किसानों को दोबारा बोवनी करनी पड़ेगी, जो किसानों के लिए खर्चीला साबित होगा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में अब तक 147 एमएम बारिश दर्ज हो चुकी है, सोमवार की सुबह से मंगलवार की सुबह 8 बजे तक मुरैना शहर में भी बार-बार हो रही हल्की बूंदाबादी से 11 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।

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