मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुरैना शहर की सफाई व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही। नगर निगम की व्यवस्थाएं ऐसी हैं, कि शहर की सड़कों पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहते हैं। इस कचरे को नगर निगम की गाड़ियों में भरकर जिस तरह ट्रेंचिंग ग्राउण्ड तक ले जाया जा रहा है, वह राहगीरों की सेहत से भी खिलावाड़ है।

शहर से निकलने वाले टनों कचरे को दोपहर के समय वाहन निबी गांव के कचरा मैदान पर फेंकने के लिए ले जाते इस दौरान वाहन जब शहर की एमएस रोड और नैनागढ़ रोड से गुजरते हैं, तो खुले हुए वाहनों से कचरा तेज हवा के साथ उड़कर सड़कों पर आ गिरता है। इतना ही नहीं कचरे के ढेर से आने वाली सडांध सारे वातावरण को दूषित कर देती है। नियमानुसार कचरा ढोने वाले वाहनों के ऊपर तिरपाल और मैटी डालकर कचरे को टंचिंग ग्राउण्ड तक भेजा जाता है। जब कचरे से लबालब भरे यह वाहन एमएस रोड, बैरियर क्षेत्र जैसे व्यस्त मार्गों से मिलते हैं, तो आसपास चलने वाले वाहन व राहगीर सड़ांसभरी बदबू से बेहाल होकर नाक सिकोड़ने एवं बंद करने लगते हैं। कचरे का ऐसा परिहवन कईयों साल से हो रहा है, जबकि कचरे के वाहनों को ढंकने वाली तिरपाल के नाम पर हर साल हजारों रुपये का खर्च किया जाता है। नगर निगम के पास कचरा ढोने के लिए करीब डेढ़ दर्जन डंपर और ट्रैक्टर हैं। लेकिन इनमे रखे कचरे को ढकने के लिए निगम के पास कोई भी व्यवस्था नहीं है। यही वजह है कि यह कचरा घृणित तरीके से ढोया जाता है। इनमें से आधे डंपरों की बाडी हाफ साइज है और आधे की फुल साइज ओपन बाडी है। जिससे इसमें ऐसी कोई स्थाई व्यवस्था नहीं है। जिससे कचरा न उड़े। कई बार तो इन वाहनों के पल्लड़ भी बंद नहीं किए जाते।

सुबह से दोपहर और फिर शाम से फिर लग जाते हैं कचरे के ढेरः

मुरैना शहर में कचरा इकट्ठा करने के लिए बड़े डस्टबिन निगम प्रशासन ने नहीं रखे। ऐसे में स्थिति यह है, कि शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं जहां सुबह-शाम कचरे के ढेर नहीं लगते। सड़कों किनारे कचरे के यह ढेर आमजन ही नहीं, बल्कि नगर निगम के सफाईकर्मी भी सड़कों किनारे यह ढेर लगते हैं। सुबह से लगे कचरे के ढेरों को दोपहर तक निगम के वाहन उठा लेते हैं और यही कचरा शाम होने से पहले फिर सड़कों किनारे लगने लगता है।

वर्जन

- कचरे को टंचिंग ग्राउण्ड तक ले जाने में किसी राहगीर को असुविधा नहीं होनी चाहिए। अगर निगम के वाहनों से इस तरह कचरा ट्रेंचिंग ग्राउण्ड भेजा जा रहा है, तो इसकी जांच करवाई जाएगी। कचरे को पालीथिन या तिरपाल से कवर करके ही भिजवाया जाएगा।

संजीव कुमार जैन,आयुक्त, ननि मुरैना

Posted By: Nai Dunia News Network

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