मुरैना। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पहली बार किसी तेल मिल से सोयाडिगम तेल व राइस ब्रान तेल से हूबहू सरसों का नकली तेल बनाने वाला एसेंस पकड़ा है। एसेंस का रासायनिक नाम एलिल आइसोथायोसाइनेट है। इस एसेंस को किसी भी तेल में मिलाने पर कच्ची धानी के तेल जैसी खुशबू व झाग देता है।

जानकारों के मुताबिक जब्त किया गया एसेंस मानव शरीर के लिए काफी घातक है। लंबे समय तक इसका सेवन करने से व्यक्ति की त्वचा पर झुर्रियां पड़ सकती हैं। साथ ही पाचन तंत्र पर भी इसका विपतरी असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान पवन ऑयल मिल से इसे जब्त किया था।

इस तरह करते हैं केमिकल का उपयोग

सरसों के तेल का रंग पीला होता है। इसी रंग का सोयाडिगम का तेल होता है। मिल संचालक सोयाडिगम व राइस ब्रान तेल को मिला लेते हैं। सरसों के तेल की खुशबू और झाग के लिए इसमें एलिल आईसोथायोसाइनेट मिलाते हैं। कोई भी व्यक्ति असली सरसों के तेल व नकली तेल में अंतर नहीं कर सकता।

यह असर होता है घातक एसेंस से

एलिल आइसोथायोसाइनेट एक रासायनिक यौगिक है, जिसमें सल्फर होता है। यह एक रंगहीन तेल होता है, जिसमें तीखी गंध होती है। पीजी कालेज के प्रोफेसर डॉ. विनायक सिंह तोमर का कहना है कि एलिल आइसोथायोसाइनेट आमाशय में अम्ल बढ़ाता है। इससे शरीर की पाचन शक्ति कम हो जाती है।

साथ ही शरीर का मेटाबोल्ज्मि बढ़ जाता है। अधिक मात्रा में सेवन करने पर खाना पचना बंद हो जाता है। इससे कोशिकाओं का विभाजन हो जाता है। साथ ही शरीर पर क्रोनिक प्रभाव भी हो सकते हैं। इसका लंबे समय तक सेवन करने से व्यक्ति की स्किन में झुर्रियां पड़ जाती हैं। असमय ही बूढ़ा दिखने लगता है।

पहली बार पकड़ा गया है एसेंस

खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई बार तेल मिलों पर कार्रवाई की है, लेकिन अभी तक फैक्टरियों में ऐसा घातक एसेंस नहीं मिला। हालांकि हर बार एसेंस से तेल बनाने की शिकायतें मिलती थीं। खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक टीम के पहुंचते ही मिल संचालक एसेंस को गायब कर देते थे।

आगे क्या

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पवन ऑयल को सील किया है। साथ ही लाइसेंस को निरस्त करने का नोटिस दिया है। साथ ही आगामी दिनों में आपराधिक प्रकरण दर्ज हो सकता है और रासुका तक की कार्रवाई हो सकती है।

इनका कहना है

एसेंस को लैब में जांच के लिए भेजा गया है। फैक्टरी को भी सील कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जा जाएगी।

अवनीश गुप्ता, फूड सेफ्टी अफसर मुरैना