मुरैना, नईदुनिया प्रतिनिधि। मुरैना में तैयार हो रहा सरसों का तेल, मसाले, मिठाई से लेकर दूध तक जांच में मिलावटी पाया जा रहा है। बीते 7 दिन में फूड सेफ्टी विभाग की केन्द्रीय लैब से 45 से ज्यादा सेंपलों की जांच रिपोर्ट आई है जिसमें, 15 सेंपल जांच में मिलावटी, मिस ब्रांड और सब स्टैण्डर्ड पाया गया है। गौरतलब है कि फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारी मिलावट के शक में जिन खाद्य सामग्री के सेंपल लेते थे उनकी जांच रिपोर्ट एक-एक साल तक नहीं आती, जबकि जांच रिपोर्ट आने का नियम 14 दिन का है। यह मामला नईदुनिया ने 20 नवंबर के अंक में उठाया था। नईदुनिया ने अपनी खबर में बताया था, कि 1 नवंबर 2019 से 15 नवंबर 2020 तक 369 खाद्य सामग्री के सेंपल लिए गए थे।

इनमें से 161 के सेंपल की ही रिपोर्ट आई थी और 369 सेंपलों की जांच रिपोर्ट नहीं आई। नईदुनिया की खबर के बाद पेंडिंग पड़े सेंपलों की जांच होने लगी है और उनके परिणाम भी भोपाल से मुरैना पहुंचने लगे हैं। बीते सात दिन में 15 सेंपल जांच में फेल पाए गए हैं, जिनके प्रकरण एडीएम व सीजेएम कोर्ट में लगाए गए हैं। प्रकरण की सुनवाई के बाद इन व्यापारियों पर जुर्माने की कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।

जांच में यह सामग्री निकलीं फेल

बानमोर की ऑयल फैक्ट्री राठी ऑयल के यहा बनने वाला सिक्का ब्रांड सरसों का तेज फूड सेफ्टी लैब की जांच में फेल हो गया है। जांच में यह तेल अपमिश्रित बताया गया है।- जौरा के दूध कारोबारी महेश शर्मा के टेंकर से लिए गए दूध के सेंपल भी जांच में फेल हो गए हैं।

- मुरैना मारकंडेश्वर बाजार स्थित राजेश सेल्स से खुली हल्दी के सेंपल लिए गए, जो जांच में फेल बताए गए हैं।

- मुरैना के बालाजी ऑयल मिल के यहां तैयार होने वाला सरसों का तेल भी जांच में फेल पाया गया है। जांच में यह तेल मिसब्रांड बताया गया है।

- बानमोर से ही एक मिठाई की दुकान से मिल्क केक के सेंपल लिए गए जो जांच में मिलावटी पाया गया है।

- कैलारस में जीएन किराना व्यापारी की दुकान पर बिकने वाले मसाले भी जांच में फेल और खाने के लायक नहीं बताए गए हैं।

- सबलगढ़ से मधुर ब्रांड कुकिंग मीडियम (वनस्पति की तरह होता है) के सेंल जांच में सब स्टैण्डर्ड पाए गए हैं।

भोपाल केन्द्रीय लैब में जांच सेंपल पेंडिंग पड़े थे उनकी जांच रिपोर्ट अब आने लगी है। बीते एक सप्ताह में 15 सेंपलों की जांच रिपोर्ट फेल आई है। इन संबंधित व्यापारियों के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट का मामला बनाकर कार्रवाई के लिए सीजेएम व एडीएम कोर्ट में पेश कर दिया है। अभी और रिपोर्ट आनी है, जांच परिमाम के बाद उन पर भी कार्रवाई होनी है। - धर्मेन्द्र जैन, फूड सेफ्टी ऑफिसर, मुरैना

Posted By: Prashant Pandey

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