मुरैना। देश के करीब 8 राज्यों में 28 टूरिस्ट डेस्टिनेशन संचालित करने वाली संस्था विलेज-वेज वन विभाग मध्यप्रदेश के साथ मिलकर चंबल में भी सामुदायिक पर्यटन शुरू कर रही है। बुधवार को इंग्लैंड और उत्तराखंड से आए संस्था के पदाधिकारियों ने वन अधिकारियों के साथ मिलकर बाबू सिंह का घेर घाट को इस काम के लिए चुना। संस्था इस टूरिस्ट डेस्टिनेशन का संचालन स्थानीय ग्रामीणों के माध्यम से करवाएगी। इसके लिए संस्थाना 15 लोगों की एक समिति भी गठित की और उनकी बैठक भी ली। देशभर में ईको टूरिज्म को सामुदायिक टूरिज्म के तौर पर विकसित करने के लिए वन विभाग सक्रिय है। चंबल अभयारण्य भी सामुदायिक टूरिज्म के लिए वन विभाग मध्यप्रदेश ने उपयुक्त पाया है। वन विभाग मध्यप्रदेश के आमंत्रण पर विलेज विज संस्था के इंग्लैड निवासी पदाधिकारी विलसर, संस्था के उत्तराखंड के पदाधिकारी दिनेश पांडे बुधवार को मुरैना पहुंचे।

संस्था के सदस्यों ने डीएफओ पीडी गेब्रियल के साथ चंबल के बाबू सिंह का घेर घाट पहुंचकर यहां का जायजा लिया। मुरैना मुख्यालय से यहां की दूरी करीब 45 किमी है। संस्था के पदाधिकारी दिनेश पांडे ने बताया कि इस समिति में से 6 लोग उत्तराखंड जाकर ट्रेनिंग लेंगे और इसके बाद स्थानीय स्तर पर इस घाट पर टूरिस्ट स्टे सेंटर, बोट क्लब और कैमल राइड आदि का संचालन करेंगे।

सतपुड़ा और पेच में संचालित हैं दो डेस्टिनेशन

संस्था के पदाधिकारी श्री पांडे ने बताया कि उनकी संस्था पूरे भारत में करीब 28 डेस्टिनेशन संचालित कर रही है। इनमें से 2 डेस्टिनेशन पहले से ही सतपुड़ा और पेच में संचालित हैं। इसके अलावा 12 उत्तरखंड में, 1 राजस्थान में, 2 कर्नाटक में, 2 केरल में, 4 सेंटर नेपाल में हैं। इसके अलावा कुछ सेंटर हिमाचल में भी संचालित हैं।

आगरा से पर्यटकों को लाएगी संस्था

पदाधिकारी श्री पांडे के मुताबिक ग्रामीणों को ट्रेनिंग और सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करने के बाद संस्था चंबल के इस डेस्टिनेशन की मार्किटिंग करेगी। इसके लिए आगरा से ग्वालियर जाने वाले सैलानियों को टूर पैकेज में चंबल के इस टूरिस्ट टेस्टिनेशन पर स्टे करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह काम जल्द से जल्द शुरू करने की तैयारी है।

संस्था विलेज वेज के पदाधिकारियों ने बाबू सिंह का घेर घाट और गांव को सामुदायिक टूरिज्म के लिए चुना है। यहां से ग्रामीण अगले हफ्ते ट्रेनिंग के लिए उत्तराखंड जाएंगे। यह विभाग और संबंधित संस्था का संयुक्त प्रयास है।-पीडी गेब्रियल, डीएफओ, मुरैना

Posted By: Nai Dunia News Network