Morena News: पोरसा (नईदुनिया न्यूज)। नगर के प्राइम लोकेशन पर मौजूद बस स्टैंड को सरकार ने बेच दिया। इस बस स्टैंड को बेचने की नीलामी भोपाल में जनवरी महीने में इतने चुपचाप में कराई गई कि आम जनता तो छोडिए अंबाह ब्लाक व पोरसा तहसील के अफसरों तक को इसकी जानकारी नहीं लगी। लगभग 16 करोड रुपये में बस स्टैंड की जमीन को निर्माणों सहित बेचा गया है। खासबात यह है कि नगर का बस स्टैंड बिकने का पता स्थानीय लोगों को तब लगा, जब इसके बाहर रखी गुमठियों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। शनिवार को नगर पालिका ने बस स्टैंड के बाहर रखीं सभी गुमठियों को हटवा दिया। इसके पीछे की वजह है कि जिसने यह खरीदा है उसे हैंडओवर करने के लिए इस अतिक्रमण को हटाया गया। परेशानी की बात यह है, कि अब नगर में कहीं कोई बस स्टैंड नहीं बचा है।

उल्लेखनीय है कि नगर के बस स्टैंड से शनिवार को गुमठियां हटाने की कार्रवाई नगर पालिका ने शुरू की। इससे पहले सभी गुमठी संचालकों को 30 जनवरी को अपने अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए थे। यहां 31 गुमठियां बस स्टैंड पर रखीं हुई थी। नोटिस के बाद प्रशासन इस अतिक्रमण को थ्रीडी लेकर हटाने के लिए पहुंचा। तब सालों से रखी इन गुमठियों को एकाएक हटाने पर लोगों ने भी सवाल किए, तब पता लगा कि बस स्टैंड को बेचा जा चुका है। दरअसल यह बस स्टैंड नगर पालिका का न होकर मप्र राज्य परिवहन निगम का है। जिसको बेचा गया है।

इसके लिए भोपाल में ही नीलामी कराई गई। अब इस संबंधित खरीददारों को हैंडओवर करने से पहले इस अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। ऐसे में इन 31 गुमठियों को हटाने के लिए थ्रीडी पहुंची तो छोटे कारोबारी अपनी अपनी गुमठियों को अपने हाथ से ही हटाते हुए दिखाई दिए। खासबात यह है कि नगर पालिका के अधिकारियों को भी इस बारे में बहुत कुछ नहीं पता है कि इसे किसने और कितने में खरीद लिया। हालांकि वे इसे बेचे जाने की बात को स्वीकार कर रहे हैं। ऊपर लेवल पर ही यह नीलामी कराई गई थी।

मप्र राज्य परिवहन बंद होने के बाद जिले में पहली संपत्ति बिकी

मप्र राज्य परिवहन निगम द्वारा इस बस स्टैंड को 1985 के लगभग बनाया गया था। जिसमें यात्री प्रतिक्षालय से लेकर हर सुविधा को जुटाया गया था, लेकिन परिवहन निगम बंद होने के बाद इसका उपयोग प्राइवेट बसों को रोकने में किया जा रहा था, जिसमें लंबे समय से प्राइवेट बस भी नहीं रूक रहीं थी। अंबाह रोड पर बीच बाजार में मौजूद इस बस स्टैंड को इसे परिवहन निगम की संपत्ति थी, जिसे जनवरी महीने में बेचा गया। बताया जाता है कि इस बस स्टैंड को अंबाह, पोरसा, मुरैना के कुछ राजनीतिक पकड़ रखने वाले लोगों ने खरीदा है।

अब बस स्टैंड के लिए देखनी होगी फिर से नई जगह

नगर में अब बस स्टैंड नहीं बचा है, जिसके लिए नगर पालिका व राजस्व विभाग को फिर से नई जगह तलाशनी होगी। इसके लिए हालांकि अभी कोई आदेश नहीं हुए हैं। ऐसे में जब तक नगर पालिका इसके लिए जगह नहीं खोज लेती, तब तक बसों के लिए सड़कों को ही स्थाई बस स्टैंड के रूप में इस्तेमाल करना पड़ेगा।

इनका कहना है

-बस स्टैंड मप्र राज्य परिवहन निगम का है, हमारे पास यहां से अतिक्रमण हटाने के आदेश थे, बस स्टैंड के लिए अब नई जगह तलाश करेंगें।

अमजद गनी, सीएमओ पोरसा।

-मप्र राज्य परिवहन निगम बंद हो गया है, इसलिए उसकी संपत्ति को बेचा जा रहा है। जिले में यह पहली संपत्ति निगम की बेची गई है। इसकी नीलामी भोपाल में हुई है। लगभग 16 करोड़ से ज्यादा में इसकी नीलामी हुई है।

राजीव समाधिया, एसडीएम अंबाह।

Posted By: Nai Dunia News Network

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