Morena News:मुरैना। नईदुनिया प्रतिनिधि। मुरैना पुलिस ने वाहन चोरों के गिरोह का पर्दाफाश किया है। हाथ आए पांच बदमाशों से पुलिस अब तक चोरी के 36 दो पहिया वाहन जब्त कर चुकी है। इस गैंग के तार ग्वालियर से लेकर राजस्थान व उत्तर प्रदेश तक जुड़े हैं, जिसमें कम से कम 10 और वाहन चोर व चोरी की बाइकों को खपाने वाले शामिल हैं।

एसपी ललित शाक्यवार ने बताया कि एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के बारे में बीते दिनों से शिकायत मिल रही थी। वाहन चोरों की यह गैंग चोरी की बाइकोंं को आनलाइन बेचते थे। इसके लिए वह खरीदारों को वाट्सअप व फेसबुक के जरिए चोरी की बाइकें दिखाते थे। 10 से 12 हजार रुपये में सौदा पटने के बाद भुगतान भी फोन-पे पर एडवांस मेें ही आनलाइन लेते थे, इसके बाद चोरी की बाइक को सप्लाई करते थे।

इस सूचना के बाद कोतवाली पुलिस के दो आरक्षक, ग्राहक बनकर इन बाइक चोरों के संपर्क में आए। एक आरक्षक ने चोरी की बाइक खरीदी और उसका पैसा बाइक चोर को फोन-पे से भुगतान किया। इसके बाद जैसे ही चोर, बाइक को देने आया तो पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया।

इसके बाद पुलिस ने पांच वाहन चोरों को दबोचा, जिनके नाम रिठौरा गांव निवासी दुर्गा, हाल निवासी ग्वालियर, सिलावली गांव निवासी हरिओम शर्मा, निवी गांव के जीते उर्फ जितेन्द्र कुशवाह, रामब्रज कुशवाह और पोरसा के प्रदीप कुशवाह बताए गए हैं। यह वाहन चोर नई बाइकों को निशाना बनाते थे।

चोरों की सिफारिश लेकर आया पीए, थाने से फटकार भगाया

सुमावली विधायक अजब सिंह कुशवाह का पीए बताते हुए एक युवक डायरी व दस्तावेज थामकर हाथ में आया और कोतवाली थाने में आकर वाहन चोरों और उनसे जप्त हुई बाइकों का हिसाब लेने लगा। पुलिस ने चारों से वाहन खरीदने वाले 7-8 लोगों को भी पकड़ा है। इस दौरान विधायक के इस संदिग्ध पीए ने कुछ वाहन चोरों व उनके बाइक खरीदने वाले युवकों को निर्दोष बताते हुए छोड़ने की बात कही, इस पर पुलिसकर्मियों ने उसे फटकार कर लौटा दिया और कहा कि ऐसे गलत लोगों को बचाना सही नहीं है।

पता लगते ही अपनी बाइक ढूंढने पहुंचे लोग

कोतवाली थाने में चोरों से बाइकें पकड़ने की खबर जैसे ही शहर में लगी तो वह लोग उत्सुकता के साथ थाने पहुंचने लगे, जिनकी बाइक चोरी हो गई थी। न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी केशव वर्मा ने बताया कि उनकी नई बाइक चार महीने पहले चोरी हो गई थी, जिसे वह तलाशने आए हैं। इसी तरह बानमोर का एक युवक गाड़ी के रजिस्ट्रेशन कार्ड लेकर आया। चोरों से मिलीं बाइकों पर नंबर प्लेट नहीं थीं, इसीलिए लोग चेसिस नंबर का मिलान करके अपने वाहन को तलाशते दिखे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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