Morena News हरिओम गौड़, मुरैना। नईदुनिया। देश में सिंघाड़े की खेती आमतौर पर तालाब, तलैया, स्टॉप डैम के रुके हुए पानी में होती आई है, लेकिन खत्म हो रहे तालाब और तलैया से इस खेती पर असर पड़ रहा है। इस समस्या से निपटने मुरैना जिले के जौरा व कैलारस क्षेत्र के कई किसानों ने सिंघाड़े की खेती का अनूठा और सफल तरीका तलाश लिया है।

सिंघाड़े की खेती से सालों से जुड़े किसानों ने खेतों में ही अस्थायी तालाब बना दिया है और सिंघाड़े की बंपर पैदावार ले रहे हैं। चार साल पहले शुरू हुई ये खेती अब 100 बीघा के पार चली गई है।

मुरैना-सबलगढ़ रोड पर जौरा, कैलारस के बीच ऐसे कई खेत दिखते हैं, जिनमें लबालब पानी भरा है और सिंघाड़े की बेलों से पूरे खेत पटे पड़े हैं। चार साल पहले तक इन खेतों में बरसात के मौसम में या तो बाजरा होता था या फिर खाली ही रह जाते थे।

सिंघाड़े की खेती करने वाले किसानों ने इन खेतों को 20 से 22 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से एक सीजन के लिए किराए पर लिया। इन खेतों में डेढ़ से दो फीट पानी भरकर सिंघाड़े की बेल डाली गई हैं। एक बीघा में औसतन 40 से 45 हजार रुपये के सिंघाड़ों की पैदावार हो जाती है।

चार साल पहले जौरा के एक किसान रघुवर बाथम ने यह प्रयोग शुरू किया, अब जौरा से लेकर कैलारस तक 15 से 17 किसान सिंघाड़े की नगद आय वाली खेती कर रहे हैं। किसानों के अनुसार एक बीघा में 19 से 21 क्विंटल तक सिंघाड़े हो जाते हैं। बाजार में इसके थोक दाम 15 से 18 रुपये किलो है। वहीं, फुटकर में ये 30 रुपये किलो तक बिक जाते हैं।

सिंघाड़े के बाद गेहूं की बंपर पैदावार

सिंघाड़े की खेती जिन खेतों में हो रही है उसमें न सिर्फ थेबन (बोवनी से पहले की सिंचाई) का खर्च किसानों का बचता, बल्कि खेतों में भरा पानी निकालकर आसपास के खेतों की भी थेबन कर देते हैं। चूंकि खेतों में पानी के साथ सिंघाड़े की बेलों के पत्ते घुले रहते हैं इससे खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ती है।

इनका कहना है

हम पिताजी के साथ जौरा के पास एक तालाब में सिंघाड़े की खेती करते थे वह तालाब अब खत्म सा हो गया। इसलिए 20 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से छह बीघा जमीन किराए पर लेकर यह प्रयोग किया।

रिंकू बाथम, किसान,जौरा

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020