Morena Ration Distribution News: मुरैना, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना महामारी के कारण हजारों-लाखों गरीब परिवारों का रोजगार छिन गया है। इसीलिए सरकार ने गरीब परिवारों को नवंबर महीने तक निःशुल्क राशन देने का ऐलान किया है, यानी पीडीएस दुकानों से बीपीएल, अंत्योदय व पात्रता सूची वाले जिन परिवारों को एक रुपये किलो में गेहूं, चावल मिलता था, वो अब मुफ्त दिया जा रहा है। इसके बाद से मुरैना जिले में कई पीडीएस दुकान संचालक गरीब परिवारों को मुफ्त राशन देने में गड़बड़ी कर रहे हैं। कुछ पीडीएस दुकानों को इस गड़बड़ी में रंगे हाथ पकड़ा जा चुका है, तो कई के खिलाफ निःशुल्क राशन के बदले गरीबों से रुपये लेने से लेकर गरीबों के राशन को बाजार में बेचने जैसे गंभीर आरोप हैं, जो जांच के नाम पर फिलहाल ठंडे बस्ते में नजर आ रहे हैं।

गरीबों के मुफ्त राशन में हो रही गड़बड़ी को समझने के लिए किसी दूरस्थ गांव में जाने के बजाय मुरैना से सटे जौरा खुर्द गांव की पीडीएस दुकान के कारनामों को जान लीजिए, उससे गरीबों के राशन में हो रही गड़बड़ी की तस्वीर साफ हो जाएगी। दरअसल बीते दिनों कलेक्टर के पास जनसुनवाई में जौरीखुर्द की गरीब महिलाएं शिकायत लेकर आईं कि डंडोतिया मार्केट के पीछे चलने वाली जौरा खुर्द की महिला बहुउद्देशीय सहकारी संस्था (पीडीएस दुकान) के संचालक ने मई व जून महीने का राशन गरीब परिवारों को नहीं बांटा है। दो महीने से उपभोक्ता गेहूं चावल व बाजरा के लिए चक्कर काट रहे थे और हर बार पीडीएस संचालक स्टाक नहीं होने की बात कहकर लौटा देता। कलेक्टर ने तत्काल खाद्य नियंत्रक अफसर बीएस तोमर को तलब कर पूछा कि उक्त दुकान को स्टाक क्यों नहीं दिया गया, तब तोमर ने बताया कि मई-जून का पूरा स्टाक दुकान को दिया गया है। इसके बाद सहायक आपूर्ति अधिकारी विपिन श्रीवास्तव को कलेक्टर ने मामले की जांच सौंपी। श्री श्रीवास्तव ने अपनी जांच में पाया कि पीडीएस दुकान ने गरीबों के मुफ्त राशन को बाजार में बेच दिया है। गरीबों के मुफ्त राशन पर डाका डालने के आरोप में जौरा खुर्द के पीडीएस दुकान संचालक राकेश तिवारी व उसके साथी कर्मचारी आरिफ खान के खिलाफ बीते रोज सिविल लाइन थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई है।

खड़ियाहार में बाजार में बिका गरीबों का राशनः एक और ताजा मामला अंबाह ब्लॉक के खड़ियाहार कस्बे का है। इस कस्बे के मुनेश कुशवाह, रामदीन कुशवाह, देवीराम श्रीवास, जगदीश कुशवाह, केदार पचौरी, गुलाब सिंह, गुट्टी सिंह आदि ने सबसे पहले खाद्य विभाग के अफसरों और फिर जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत की कि पीडीएस दुकान से उन्हें जुलाई महीने का राशन ही नहीं मिला है। गरीब परिवारों का आरोप है, कि गरीबों को निःशुल्क बंटने के लिए आया पीडीएस का राशन सोसाइटी सचिव बसंत शर्मा ने बाजार में बेच दिया है। बताया गया है कि पंचायत ने सचिव मुन्नाालाल शर्मा को इस खाद्यान्ना को बांटने के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया था, खुद मुन्नाालाल शर्मा ग्रामीणों के आगे स्वीकार कर चुके हैं कि निशुल्क बंटने वाला राशन बाजार में कालाबाजारी से बेचा गया है, लेकिन उन्होंने इसमें खुद की संलिप्तता से इंकार कर दिया। इस मामले की जांच एक महीने से चल ही रही है, पर अब तक परिणाम नहीं आया। इसी तरह मुरैना से सटे गंजरामपुर गांव व अंबाह के हाथीरथ का पुरा गांव के ग्रामीणों ने भी बीते मंगलवार को निशुल्क राशन नहीं मिलने की शिकायत की है।

कालाबाजारी करते पकड़ा, फिर भी जिम्मेदारी दे दीः राशन में कालाबाजारी की घटनाएं जिला प्रशासन की लापरवाही, अनदेखी और सही मानिटरिंग नहीं होने के कारण बढ़ती जा रही है। जो पीडीएस दुकान कालाबाजारी में रंगे हाथ पकड़ी जा रही हैं, उन पर ऐसी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही जो दूसरों के लिए सबक बने और गरीबों के राशन पर डाका डालने से डरें। ताजा मामला जौरा ब्लॉक की रसोंधना हार गांव की पीडीएस दुकान का है। मार्च, अप्रैल एवं मई में गरीबों को बंटने के लिए आए निःशुल्क राशन को रसोंधना हार की पीडीएस दुकान (जय बजरंग स्व-सहायता समूह) ने गरीबों को मुफ्त नहीं बांटा, बल्कि इस राशन के बदले गरीब परिवारों से रुपये लिए गए। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जौरा एसडीएम सुरेश बहरादिया और फिर जिला आपूर्ति अधिकारी बीएस तोमर से की थी। जांच हुई तो ग्रामीणों की शिकायत सही साबित हुई। इसके बाद मई महीने में दुकान निलंबित कर दी गई, लेकिन राजनीतिक दबाव में जौरा एसडीएम बहरादिया ने इस पीडीएस दुकान प्रबंधन पर मात्र 5 हजार का जुर्माना कर उसे ही फिर से राशन वितरण की जिम्मेदारी सौंप दी। इसके बाद इस पीडीएस दुकान पर फिर गड़बड़ी की शिकायतें आने लगी हैं। रसोंधना हार के रामवीर सिंह, बीरवल, राजू सिकरवार, बृजेश सिकरवार ने कलेक्टर बी कार्तिकेयन के अलावा संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना को शिकायत करके बताया कि दुकान को निलंबित करने के अलावा उनसे रिकवरी कराकर गरीबों का पैसा वापस किया जाए।

वर्जन

सरकार गरीबों को सस्ता व मुफ्त खाद्यान्ना देने का दावा कर रही है, लेकिन जौरा सहित जिलेभर में पीडीएस के नाम गरीबों के राशन को हड़पने की होड़ मची है। स्व-सहायता समूह, पीडीएस दुकान व सोसाइटी संचालक अफसरों के साथ मिलकर गड़बड़ी कर रहे हैं। इसके बाद भी जिला प्रशासन व फूड विभाग ऐसी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। मैं इसकी शिकायत एक महीने पहले ही वरिष्ठ अफसरों को कर चुका हूं।

गजराज सिंह सिकरवार, पूर्व विधायक, सुमावली

वर्जन-

राशन में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार आ रही हैं। जिन-जिन सोसायटियों की शिकायतें मिली है उन सभी की जांच हो रही है। कुछ सोसायटियों पर मुफ्त राशन नहीं बंटने, राशन को बाजार में बेचने जैसी शिकायतें सिद्ध हुई हैं, उन पर तत्काल कार्रवाई की गई है। जो भी जांच में दोषी पाए जाएंगे उन पर अब हम सीधे एफआइआर करवा रहे हैं, जिससे निःशुल्क राशन में गड़बड़ी रुके।

बीएस तोमर, जिला आपूर्ति एवं नियंत्रक अधिकारी मुरैना

Posted By: Nai Dunia News Network

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