मुरैना। कोटा बैराज से छोड़े जा रहे 6 लाख क्यूसेक पानी की वजह से चंबल नदी एक बार फिर से उफान पर है। चंबल पर बने पुराने राजघाट पुल पर जलस्तर खतरे के निशान 138 मीटर से .20 मीटर ऊपर हो गया है। अगर पानी छोड़ने का यही क्रम जारी रहा तो शनिवार देर रात या रविवार सुबह तक पानी पुल के करीब व ऊपर पहुंच जाएगा।

कोटा बैराज के 19 के 19 गेट पानी छोड़ने के लिए खोल दिए गए हैं। सभी गेट करीब 32-32 फीट खुले हैं, जिनसे लगातार चंबल में पानी आ रहा है। चंबल में जलस्तर बढ़ने से अंचल के 89 गांवों के डूब में आने खतरा बन गया है। हालांकि प्रशासन ने कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने की सूचना मिलने के बाद अंचल में राजस्व महकमे को सतर्क कर दिया है और चंबल के तटीय गांवों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही होमगार्ड व गोताखोर दलों को भी अलर्ट पर रखा है।

उल्लेखनीय है मालवा व निमाड़ क्षेत्र में हुई भारी बारिश से गांधी सागर डैम में अधिक पानी आ गया। ऐसे में गांधी सागर डैम के गेटों को खोलना पड़ा है। गांधी सागर डैम से पानी जवाहर सागर, राणा प्रताप सागर व कोटा बैराज में आया। चूंकि तीनों ही बांध कम क्षमता वाले हैं, इसलिए इन डैमों के गेटों को भी खोलना पड़ा है। जिसकी वजह से चंबल में उफान आ रहा है।

फसल हो जाएगी खराब

पिछली बार चंबल जब उफान पर आई थी तो ग्रामीण क्षेत्र की करीब 10 हजार हेक्टेयर की फसल में 60 से 70 फीसदी का नुकसान हो गया था। वहीं यदि इस बार पानी भरता है तो निश्चित तौर पर खरीफ की पूरी फसल नष्ट हो जाएगी।