फोटो 5ए। सदर बाजार क्षेत्र की गंदी गली। टायलेट न होने से लोगों को करना पड़ता है उपयोग

मुरैना। नगरनिगम बने हुए चार साल हो चुके हैं। लेकिन सुविधाओं की द्ष्टि से शहर में पिछले चार साल में ज्यादा कुछ नहीं हुआ है। खासतौर से बाजार क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं में भी बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर के किसी भी बाजार में टायलेट व सुलभ काम्प्लेक्स नहीं है। जिससे बाजार क्षेत्र के लोगों को खासी परेशानी होती है। हालांकि शहर में नगरनिगम ने 8 सुलभ काम्प्लेक्स बनाए हैं। एक रेलवे का है और एक अस्पताल का है। यानि शहर में कुल 10 सुलभ काम्प्लेक्स हैं। नगरनिगम के जो 8 शुलभ काम्प्लेक्स हैं। उनमें से भी दो चालू नहीं है। साथ ही ये सभी बाजार क्षेत्र में नहीं है।

उल्लेखनीय है कि बाजार व ऐसे क्षेत्र जहां पर लोगों का आना जाना रहता है। वहां पर नगरनिगम पब्लिक यूरेनल व सुलभ काम्प्लेक्स बनाता है। जिससे बाजार या इन क्षेत्रों में लोगों को कोई परेशानी न हो। खासतौर से टायलेट के लिए परेशान न होना पड़े। लेकिन ननि परिषद के गठन होने के बाद भी शहर के बाजारों में सुलभ काम्प्लेक्स, टायलेट व यूरेनल आदि की व्यवस्था नहीं की है। ऐसे में बाजार में खरीदारी करने के लिए जाने वाले लोगों व दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

परिषद के गठन के बाद बनाई थी योजनाः नगरनिगम परिषद की गठन के बाद ननि ने बाजार सहित अन्य क्षेत्रों में सुलभ काम्प्लेक्श, टायलेट आदि बनाने की योजना बनाई थी। इस योजना के तहत शहर में 8 सुलभ काम्प्ल्ेक्स तो बनाए गए। लेकिन बाजार क्षेत्र में नहीं बनाए गए। ऐसे में बाजार के लोगों को खासी परेशानी होती है।

पोर्टेबल टायलेट भी नहीं लगवाए बाजार में: नगरनिगम परिषद के गठन के बाद ननि ने करीब 60 लाख की लागत से पोर्टेबल टायलेट खरीदे थे। इन्हें खरीदने का उद्देश्य यह था कि जहां पर टायलेट बनाने के लिए जगह नहीं है। वहां पर इन पोर्टेबल टायलेट को रखा जाना था। जिससे लोगों को सुविधाएं मिल सकें। लेकिन ननि ने बाजार क्षेत्र में एक भी पोर्टेबल टायलेट नहीं रखवाया। इससे बाजार क्षेत्र में वर्तमान में आने जाने वाले लोगों व दुकानदारों को परेशानी होती है।

सबसे अधिक परेशानी महिलाओं के लिएः शहर का चाहे सदर बाजार हो, सराफा बाजार हो, मारकंडेश्वर बाजार हो या फिर शंकर बाजार। यदि महिलाएं बाजार में जाती हैं तो उनहें टायलेट की खासी परेशानी होती है। बाजार क्षेत्र में ऐसी कोई जगह नहीं हैं जहां पर महिलाओं को परेशानी न हो। लेकिन बाजार क्षेत्र में महिलाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।

यह करते हैं बाजार क्षेत्र के लोगः

- बाजार क्षेत्र के लोग या तो टायलेट व शौच के लिए रेलवे स्टेशन पर जाते हैं।

- बाजार में बंद दुकानों के आसपास ही टायलेट खुले में कर लेते हैं।

- बाजार क्षेत्र में जो गंदी गलियां हैं, उनमें जाते है।