Rain in Madhya Pradesh : मुरैना (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजस्थान के कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से मुरैना में चंबल नदी में फिर से उफान आ गया है। मंगलवार सुबह 10 बजे तक नदी का जलस्तर 134.40 मीटर पर पहुंच गया। यदि यह और बढ़ा तो जिले के गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। चंबल के खतरे का निशान 138 मीटर है।

कोटा बैराज से चंबल में मंगलवार को 11 हजार 241 क्यूसेक (घन फीट प्रति सेकंड) छोड़ा जा रहा था, जबकि सोमवार को 28 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। ज्यादा पानी छोड़ने से चंबल में उफान आया। उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी चंबल पांच सितंबर के बाद ही उफनी थी और जिले के करीब 100 गांव चंबल की बाढ़ से प्रभावित हुए थे। 50 से ज्यादा गांवों के लोगों को दूसरे गांवों में या राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी थी। इस बार भी सितंबर शुरू होते ही चंबल में बाढ़ की स्थिति बन रही है।

क्यों हो रहा है ऐसा

चंबल नदी इंदौर के समीप जानापाव से निकली है। वर्तमान में चूंकि मालवा, निमाड़ क्षेत्र में अच्छी बारिश हो रही है। मालवा क्षेत्र से पानी गांधी सागर बांध में पहुंच रहा है। गांधी सागर डैम में पानी अधिक होने से उसे डिस्चार्ज किया जा रहा है। इससे कोटा बैराज में पानी आ रहा है। कोटा बैराज से पानी डिस्चार्ज करने से पानी चंबल में आ रहा है।

गांवों में अलर्ट

यदि चंबल में पानी बढ़ता है तो उसके किनारे के करीब एक सैकड़ा गांव अधिक प्रभावित होते हैं। इनमें से 89 गांव सर्वाधिक रूप से प्रभावित होते हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और गांवों में अलर्ट कर दिया है। कोटा डैम से चंबल नदी में डिस्चार्ज अभी कम किया जा रहा है। इसलिए चंबल का जलस्तर स्थिर हो गया है। कोटा बैराज के कंट्रोल रूम के मुताबिक गांधी सागर से पानी अधिक छोड़ा जाता है तो कोटा बैराज से भी चंबल में पानी अधिक छोड़ना पड़ेगा।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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