मुरैना। दूध से बने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने के मामले में एक कारोबारी पर रासुका यानि राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून लगाकर मंगलवार को सेंट्रल जेल ग्वालियर भेज दिया गया। जिले में पांच और मिलावट खोरों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। बता दें कि 19 जुलाई से जारी कार्रवाई के बाद पहली बार व्यापारी पर रासुका लगाया गया है।

कोतवाली टीआई अतुल सिंह ने बताया कि 14 अगस्त को पुलिस टीम ने पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में महेश चंद्र शर्मा पुत्र रामेश्वर दयाल शर्मा की अंबे डेयरी पर कार्रवाई की थी। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी ने सैंपलिंग की थी।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने पाया कि दूध से क्रीम निकालकर दूध में रिफाइंड ऑयल, ग्लूकोज आदि मिलाकर अमानक स्तर का दूध व पनीर बनाया जा रहा है। रेखा सोनी की रिपोर्ट पर पुलिस ने महेशचंद्र शर्मा के खिलाफ धारा 270, 272, 273, 420 व खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। आरोपित का रिकॉर्ड भी खंगाला गया।

पाया गया कि अंबे डेयरी पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। अधिकारियों ने पाया कि व्यापारी दूध में मिलावट कर ऐसा पदार्थ तैयार कर रहा था, जिससे समाज के लोग प्रभावित हो रहे हैं। तथ्यों को ध्यान में रखते हुए प्रतिवेदन एसपी असित यादव ने कलेक्टर प्रियंका दास को भेजा। कलेक्टर ने प्रतिवेदन के आधार पर कारोबारी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की।

भिंड में तीन पर कार्रवाई प्रस्तावित

एसपी रुडोल्फ अल्वारेस ने मिलावट करने वाले तीन कारोबारियों पर रासुका की कार्रवाई के लिए कलेक्टर छोटे सिंह को प्रस्ताव भेजा है। गिर्राज चिलर के संचालक संतोष भदौरिया, गोपाल आइस एंड चिलर के संचालक राजीव गुप्ता और किराना व्यापारी प्रयागदत्त शिवहरे के यहां 19 जुलाई को एसटीएफ ने लहार में कार्रवाई की थी। संतोष और प्रयागदत्त फिलहाल जेल में हैं।

Posted By: Hemant Upadhyay