मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। टीबी के अलावा किडनी व लिवर की बीमारी से जूझ रहे एक संत अपनी देह त्यागने का ऐलान करते हुए समाधि पर बैठ गए। इसके बाद मंदिर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ संत के अंतिम दर्शनों के लिए आ गई। जैसे ही यह सूचना प्रशासन को मिली तो हड़कंप मच गया। तहसील, थाने के अधिकारी व डाक्टरों की टीम संत के आश्रम पहुंची। समझाइश के बाद संत को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

मामला चिन्नाौनी थाना क्षेत्र की कढ़ावना ग्राम पंचायत के कबीर आश्रम का है। यहां 60 वर्षीय संत स्वरूपदास महाराज मंगलवार को समाधि पर बैठ गए। संत ने कई दिन पहले नवरात्र में अपने शरीर को छोड़ने का ऐलान कर दिया था। संत ने ऐलान किया कि दोपहर दो बजे तक वह बैठे-बैठे अपना शरीर छोड़ देंगे, अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह जमीन में समाधि लेंगे।

इस कारण मंगलवार की सुबह से ही कबीर आश्रम पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दोपहर एक बजे के करीब नायब तहसीलदार रजनी बघेल, चिन्नाैनी थाना प्रभारी अविनाश राठौर, डाक्टरों की टीम के साथ कबीर आश्रम में पहुंची। संत का खूब मान-मनोव्वल किया गया। इसके बाद संत अस्पताल जाने तैयार हुए।

अस्पताल में इलाज से डरकर कर दिया समाधि का ऐलान

चिन्नाौनी थाना प्रभारी अविनाश राठौर ने बताया कि कबीर आश्रम के संत लंबे समय से टीबी की बीमारी से ग्रसित हैंं। इसके अलावा उनके लिवर व किडनी में भी इंफेक्शन हो गया है, जिसकी वजह से करीब 10 दिन तक वह ग्वालियर के एक निजी अस्पताल में भर्ती रहे।

उनके पास में ही किडनी व लिवर रोग का दूसरा मरीज भर्ती था, उसके फेफड़ों में भरे हुए पानी को निकालने के लिए डाक्टरों ने जो विधि अपनाई उससे संत डर गए और अस्पताल से जबरन छुट्टी कराकर अपने आश्रम पर आ गए। यहां आकर उन्होंने समाधि व देह त्यागने का ऐलान कर दिया।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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