मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। आधे शहर में बिछी सीवर लाइन की गुणवत्ता पर कई बार सवाल उठे हैं। शिकायतें भी हुईं, लेकिन हर बार जांच में गुणवत्ता को हरी झंडी दे दी गई, लेकिन ताजा घटनाक्रम ऐसा है, जो 135 करोड़ रुपये के खर्च में डली सीवर लाइन की गुणवत्ता और इसकी मानिटरिंग करने वाले अफसरों की नीयत पर सवाल उठाने वाला है। सीसी सड़कों के नीचे डले सीवर कनेक्शन के पाइप पिचककर पापड़ हो रहे हैं, जिससे घरों की पानी निकासी से लेकर शौचालय तक चोक हो रहे हैं।

शहर के वार्ड 18 की भरोसी धर्मशाला वाली रोड, जहां पांच बार के सांसद और पूर्व महापौर अशोक अर्गल का आवास है। इस गली में सीवर लाइन से घरों के शौचालय व पानी निकासी के पाइपों के कनेक्शन किए गए। तीन महीने पहले डली पाइप लाइन के ऊपर सीसी की पक्की रोड बन गई। दो दिन पहले इस गली में रहने वाले मांगीलाल गुप्ता, ओमप्रकाश गांगिल, गौतम मूंदड़ा, राजू गुप्ता आदि के घरों के पानी की निकासी और शौचालय चोक हो गए। जब सीसी सड़क को खुदवाकर पाइप चेक करवाए गए तो, देखकर सभी हैरान रह गए, कि सीवर लाइन का छह इंच व्यास का पाइप पिचककर पापड़ हो चुका है। न तो सीसी सड़क धंसकी नहीं यहां से कोई ऐसा भारी वाहन गुजरा, फिर भी सड़क से एक फीट नीचे गहराई में दबा पाइप मिट्टी व सड़क के वजन से पिचक गया। स्थानीय निवासियों की शिकायत के बाद उक्त पाइप को सीवर ठेकेदार ने बदल तो दिया, लेकिन दो दिन से इन घरों के सीवर कनेक्शन नहीं हुए।

135 करोड़ का बजट फिर भी ये हालः

गौरतलब है कि पहले चरण में शहर के 47 वार्डों में से 24 वार्डों में सीवर लाइन बिछाई गई है। लगभग 135 करोड़ रुपये में 24 वार्डों में 1570 किमी लंबी पाइप लाइन हर गली मोहल्ले में बिछाई गई, लेकिन यह पाइप इतने घटिया हैं कि सीसी सड़क के नींचे भी पिचककर पापड़ की तरह हो गए हैं। पहले चरण का काम 2019 में शुरू हुआ, जिसे मार्च 2021 में पूरा हो जाना था। यानी 14 महीने पहले सीवर प्रोजेक्ट पूरा होना था, लेकिन अभी तक 26 हजार 500 घरों में से साढ़े चार हजार से ज्यादा घरों के सीवर कनेक्शन ही नहीं हो पाए। दूसरी ओर सीवर प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के लिए निगम प्रशासन ने 23 वार्डों में 150 किमी लंबी सीवर लाइन बिछाने का प्रस्ताव भोपाल भेज दिया है। दूसरे चरण पर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आंका जा रहा है।

इसलिए ये हाल... किसान की जगह किसन कंपनी के घटिया पाइप डालेः

सीवर प्रोजेक्ट का काम करने वाली कंपनी और नगर निगम के बीच जो अनुबंध हुआ है, उसके हिसाब से किसान कंपनी के मजबूत पाइप सीवर लाइन में डाले जाने हैं, लेकिन निगम अफसरों के साथ मिलकर ठेका कंपनी ने पाइप बिछाने में करोड़ों का घपला कर दिया और किसान कंपनी की जगह राजस्थान के धौलपुर की एक पाइप निर्माता कंपनी से किसन नाम के घटिया पाइप बनवाए गए। इन पाइपों पर किसन इस तरह लिखा है, कि वह पहली नजर में किसान पढ़ने में आता है। इसका खुलासा वनखण्डी रोड ठाकुर वाली गली में सीवर कनेक्शन के दौरान हुआ, जब स्थानीय लोगों ने किसान की जगह किसन कंपनी के पाइप पकड़े। उस समय इसकी शिकायत निगम के अफसरों तक से हुई, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।

Posted By: Nai Dunia News Network

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