मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्वालियर हाईकोर्ट की डबल बैंच ने गुमशुदा लड़की के मामले में लगाई गई याचिका की सुनवाई करते हुए, याचिका लगाने वाले लड़की के पिता पर ही 10 हजार रुपये का जुर्माना किया। क्योंकि गुमशुदा लड़की के पिता ने न सिर्फ देर से पुलिस को शिकायत की, बल्कि थाने से लेकर कोर्ट तक को गुमराह करने वाली बातें बताईं। इस मामले में कोर्ट ने मुरैना पुलिस के काम-काज की सराहना भी की।

दरअसल, न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रहने वाले सुभाष बघेल की बालिग बेटी वैष्णवी बघेल 25 मई को घर से लापता हो गई। इस मामले में सुभाष बघेल ने 11 अगस्त को सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया, इसके बाद एक आडियो पुलिस को सौंपा जिसमें वैष्णवी का अपहरण तीन युवकों द्वारा करने की बात कही जा रही थी। इसी आधार पर पुलिस ने तीन अज्ञातों पर अपहरण की धाराओं में केस दर्ज कर लिया। इसी मामले में सुभाष बघेल ने ग्वालियर हाईकोर्ट में याचिका लगाते हुए आरोप लगाए कि उसकी बेटी की तलाश मुरैना पुलिस नहीं कर रही, उसकी बेटी का तीन लड़के अपहरण कर ले गए। याचिका में बेटी की हत्या तक की शंका जताई। इस याचिका पर सुनवाई करते प्रकरण को बेहद गंभीर माना और हाईकोर्ट की डबल बैंच ने एसपी आशुतोष बागरी और सिविल लाइन टीआइ प्रवीण चौहान को कोर्ट में तलब कर लिया। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर छानबीन शुरू की तो पता चला कि वैष्णवी, जम्मू के एक मुस्लिम युवक के साथ जम्मू में रह रही है। पुलिस ने जम्मू से वैष्णवी को खोज लिया, जिसे मंगलवार को हाईकोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में वैष्णवी ने बताया कि उसके स्वजन उसे प्रताड़ित करते हैं, इससे परेशान होकर वह आत्महत्या करने की सोचकर घर से भागी थी। सबसे पहले चंबल नदी पर गई लेकिन वहां डर गई, इसके बाद धौलपुर, आगरा होते हुए वह जम्मू में वैष्णोदेवी मंदिर पर पहुंच गई, जहां उसने आत्महत्या करने का मन बदल लिया। वैष्णवी ने कोर्ट में यहां तक कह दिया कि वह अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती, बल्कि पुलिस जिस तरह उसे लेकर आई है उसी तरह जम्मू छोड़कर आए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कोर्ट ने मुरैना पुलिस के कामकाज की सराहना की और पुलिस व कोर्ट को गुमराह करने पर सुभाष बघेल पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया। सुभाष बघेल को यह राशि एसपी कार्यालय में जमा कराने के निर्देश कोर्ट ने दिए हैं।

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- यह लड़की बालिग है, जो जम्मू में अपने एक दोस्त के साथ मिली है। लड़की का अपहरण नहीं हुआ, बल्कि वह माता-पिता की प्रताड़ना से परेशान होकर घर से खुदकुशी करने भागी थी। युवती के पिता ने हाईकोर्ट में जो शिकायत की उसे कोर्ट ने गुमराह करने वाला माना, इसलिए उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया है।

आशुतोष बागरी

एसपी, मुरैना

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