मुरैना(नईदुनिया प्रतिनिधि)। आधी रात को हथियारबंद बदमाश गांव में आ गए। हर घर के पुरुष सदस्यों को पीटते हुए ले गए। गांव के बाहर बंधक बनाकर रखा और जब हर घर से एक-एक हजार रुपये वसूल लिया, तब पुरुषों को छोड़ा। यह बातें कलेक्टर बी कार्तिकेयन और एसपी आशुतोष बागरी को पहाड़गढ़ थाना क्षेत्र के मरा गांव के आदिवासी परिवारों ने कहीं।

गुरुवार को मरा गांव के करीब 40 आदिवासी महिला-पुरुष पहले कलेक्टोरेट में पहुंचे। जहां एकता परिषद के उदयभान सिंह के साथ चार सदस्यीय दल कलेक्टर बी कार्तिकेयन से मिला और बताया कि 12 सितंबर की रात 10-12 हथियारबंद बदमाश उनके गांव मे आ गए। बुरी तरह मारपीट की, हर घर के पुरुष सदस्य को पीटते हुए ले गए एवं बंधक बनाया। गांव के 75 आदिवासी परिवारों ने एक-एक हजार रुपये दे दिए तब पुरुषों को छोड़ा। कलेक्टर के बाद एसपी आफिस पहुंचे आदिवासी परिवारों ने एसपी आशुतोष बागरी को बताया कि बदमाशों ने उन्हें धमकी दी है कि इसकी शिकायत किसी से की तो वह गांव को श्मशान बना देंगे। पहले इस घटना में राजस्थान के इनामी डकैत केशव गुर्जर का नाम आया था। एसपी आशुतोष बागरी ने कहा कि पहाड़गढ़ क्षेत्र में केशव गुर्जर का कोई मूवमेंट नहीं है। एसपी के अनुसार यह विवाद जमीनों पर कब्जे से जुड़ा है। कुछ दबंग आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करने के लिए आदिवासी परिवारों को डराने के लिए ऐसी हरकत कर रहे हैं। एसपी ने कहा कि इन बदमाशों को जल्द पकड़ा जाएगा।

रात में उधार लेकर दिए बदमाशों को रुपयेः

मरा गांव की मुन्नाी देवी आदिवासी ने बताया कि उसके घर में 350 रुपये थे वह बदमाशों को दिए तो लेने से इंकार कर दिया और पूरे हजार रुपये मांगे। इसके बाद व वह पड़ोस में रहने वाले अपने देवर प्रीतम के घर से 1000 रुपये उधार लाई। श्यामू आदिवासी ने बताया कि बदमाशों को एक हजार रुपये देने के लिए उसकी पत्नी गांव के रुस्तम गुर्जर से ही रात में एक हजार रुपये उधार लाई, तब बदमाशों ने उसे छोड़ा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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