नारायणपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना के लिए सभी से बात की जाएगी। बस्तर के पीड़ितों, प्रभावितों, यहां तैनात जवानों, आदिवासियों, पत्रकारों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों से बात करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी यह तय नहीं हो पाया है कि सबसे पहले किससे बात करनी है। शनिवार को स्वामी विवेकानंद की 156वीं जयंती के मौके पर रामकृष्ण मिशन आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल बघेल मीडिया से रूबरू थे।

शुक्रवार को कांकेर के कोयलीबेड़ा इलाके में मिले नक्सली पर्चे में कांग्रेस सरकार पर दोहरी नीतियां अपनाने के लगाए गए तथाकथित आरोप पर पूछे गए सवाल के जवाब में सीएम ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति के लिए सरकार आगे बढ़ रही है। अबूझमाड़ के सर्वे पर कहा कि सर्वे कराना कठिन काम है। हालांकि सरकार प्रयास कर रही है। बस्तर में विकास के सवाल पर कहा कि बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए बस्तर के आदिवासी विधायक को अध्यक्ष बनाने कहा है, जिससे क्षेत्र का विकास हो पाए।

गुरु घासीदास की स्मृति में गिरौदपुरी में खोलेंगे गुरुकुल : सीएम

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्षेत्रीय विधायक चंद्रदेव राय की मांग पर गिरौदपुरी में घासीदास के नाम पर शिक्षण संस्थान खोलने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक सहित समाज के सभी धर्म गुरु, महंत आदि मिलकर जो प्रस्ताव लाएंगे उसे तत्परता से पूरा किया जाएगा।

आश्रम के लिए किया था श्रमदान

युवा दिवस पर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में भूपेश बघेल ने आश्रम के साथ पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि जब इसकी बुनियाद रखी जा रही थी, तब उन्होंने भी पेड़ों के ठूंठ हटाने और जमीन समतलीकरण करने के लिए श्रमदान किया था।

इंदिरा गांधी ने जताया था भरोसा

बघेल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने स्वामी आत्मानंद महाराज से मुलाकात कर कहा था कि अबूझमाड़ के लिए कुछ करना है ताकि यहां के जीवन में परिवर्तन लाया जा सके। यह काम सिर्फ रामकृष्ण आश्रम कर सकता है। स्वामी व्याप्तानंद व स्वामी कृष्णानंद महाराज ने आभार किया।