करेली। नईदुनिया न्यूज

नगर में दिनोंदिन अतिक्रमण पसरता जा रहा है लेकिन जिम्मेदार इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। हर सड़क की चौड़ाई कम होती है जा रही है और दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी बढ़ रहीं हैं। ऐसे में इन अतिक्रमणों पर कार्रवाई कब होगी ये लोग समझ नहीं पा रहे हैं। खास बात यह है कि जिम्मेदार इसके लिए आगे भी नहीं आ रहे।

जब भी जिम्मेदारों से अतिक्रमण के संबंध में बात की जाती है तो उनका एक ही जवाब मिलता है कि अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव परिषद की बैठक में रखा जाएगा। परंतु परिषद की कई बैठकें होने के बाद भी अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

अतिक्रमण हटें तो विकास हो

नगर में पुरानी सब्जी बजरिया, मुख्य मार्ग, मोतीनाला, उत्कृष्ट विद्यालय मार्ग सहित वार्डों और गलियों में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पसरा हुआ है। जिससे नगर के विकास कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है। यदि पुरानी सब्जी बजरिया का अतिक्रमण हटेगा तो इस स्थान का उपयोग पार्किंग जोन में किया जाएगा जो कि नपा द्वारा प्रस्तावित भी है। मुख्य मार्ग के अतिक्रमण हटने से करोड़ों की लागत से बनी मॉडल रोड, नाली, डक्ट और फुटपाथ के निर्माण की सार्थकता सिद्ध होगी। जिससे आवागमन में सुलभता होगी। मोतीनाले पर व्याप्त अतिक्रमण हट जाने से साफ-सफाई और पानी निकासी में सुलभता होगी।

कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों को मिलेगा सबक

नगर के चहुंओर व्याप्त सरकारी जमीनों के स्थाई व अस्थाई अतिक्रमणों पर अगर प्रशासनिक कार्रवाई ठोस तरीके से होगी तो अेसा कृत्य करने वालों को सबक जरूर मिलेगा कि किसी भी गैर जरूरी कार्य करने पर कभी भी प्रशासनिक डंडा चल सकता है। इससे वह लोग भी सचेत होंगे जिनका ऐसा कृत्य करने वालों का मन बन रहा होगा।

नगरवासियों की मांग

सरकारी जमीनों पर जबरिया कब्जा करने वालों के खिलाफ नगर की आम जनता में भी रोष है और वह नपा के साथ साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों विधायक, सांसद से निरंतर मांग करते आए हैं कि नगर के वह सारे अतिक्रमण हटाए जाएं जो सरकारी जमीन पर है और जिनसे यातायात बाधित होता हो। यह अतिक्रमण नगर को सुव्यवस्थित बनाए रखने में सबसे बड़ा व्यवधान है, इसलिए हमारे जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को इसके लिए सकारात्मक पहल के साथ निष्पक्ष ठोस कार्रवाई करना चाहिए जिससे नगर में लगे ये बदनुमा दाग जल्द हट सके।

आदेश का नहीं हुआ पालन

उत्कृष्ट मार्ग पर किए गये कच्चे पक्के अतिक्रमण को हटाने के लिए पूर्व में तहसीलदार करेली द्वारा दो बार आदेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक यहां का अतिक्रमण न हटना स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत को स्पष्ट दर्शाता है। इस मार्ग पर व्याप्त अतिक्रमण हटना अतिआवश्यक है, क्योंकि इस मार्ग पर दो शासकीय स्कूल है, जिसके कारण इस मार्ग पर छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की भारी भीड़ रहती है।

निष्पक्ष कार्रवाई से हटेगा अतिक्रमण

नगर के अतिक्रमण हटाने के लिए कभी प्रशासनिक अधिकारी आदेश देते हैं, तो कभी जनप्रतिनिधि सामने आते हैं परंतु आपसी तालमेल की कमी के कारण हमेशा ही अधिकारी और जनप्रतिनिधि एक-दूसरे का हवाला देकर अतिक्रमण हटाने से बच जाते हैं। यदि राजस्व विभाग नगर पालिका, पुलिस विभाग और जनपद पंचायत के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहमति बन जाती है तो अतिक्रमण हटाया जा सकता है।