गोटेगांव (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आजादी के दशकों बाद कितने सरपंच आए-गए, गांव के कई बुुर्जुगों ने गांव में आने-जाने पक्की सड़क का सपना देखा और इस सपने को लिए चल बसे। लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने जमुनिया प्रधानमंत्री सड़क से टोला गांव जाने पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया। गांव की सरकारी जमीन से दबंगो का कब्जा भी नहीं हटा। जिससे ग्रामीण पगडंडी के सहारे कई वर्षो से आवागमन करने लाचार हैं।

जमुनिया पंचायत के टोला गांव से ग्रामीण मुख्य सड़क तक पगडंडी से आते-जाते है। गांव में कोई बीमार हो जाए तो गांव तक एंबुलेंस नहीं जाती। मरीजों को खाट पर या कांधे पर लेकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। करीब 2 किमी लंबी पगडंडी बरसात में कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिस पर फिसलन रहती है। क्षेत्र के नेता कहते है कि गांव-गांव पक्की सड़क हो गई है फिर आजादी के दशकों बाद टोला में सड़क क्यों नहीं बन सकी इसका जबाब जनप्रतिनिधि भी नहीं दे पा रहे है। टोला की यह स्थिति ब्लाक क्षेत्र के विकास की तस्वीर बयां करती है।

जनपद मुख्यायल से 8 किमी दूर है गांवः टोला गांव जनपद मुख्यालय से महज 8 किमी दूर है। जहां पर कहने को प्राथमिक शाला है लेकिन उसकी हालत जर्जर है। भवन की छत का पलस्तर गिर रहा है। जिससे यह स्कूल बंद कर दिया गया है। गांव के जो 32 से 35 बच्चे यहां पढ़ते थे उनके नाम जमुनिया के स्कूल में दर्ज हो गए है। गांव के बीपीएल कार्डधारी ग्रामीण फिसलन भरी कच्ची सड़क से ही राशन लेने के लिए 4 किमी दूर जमुनिया जाते है। गांव में 7 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत है लेकिन गिट्टी, रेत, सीमेंट गांव तक कैसे पहुंचे यह परेशानी आवास के कार्य में खलल डाल रही है।

किसानों की मेहरबानी से मिला रास्ताः ग्रामीण कहते है कि गांव की पगडंडी किसानों की है। यदि वह निकलने देते है तो ठीक है वर्ना गांव के लोगों का बरसात के सीजन में घरों में ही रहना होता है। यदि किसी प्रसूता को स्वास्थ्य केंद्र ले जाना होता है, अथवा कोई बीमार होता है तो उसे खाट पर लेकर जाना पड़ता है।

सड़क की हालत खराबः ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत ने गांव में सीमेंट क्रांकीट सड़क बनाई है। जो एक साल में ही खराब हो गई है और उसमें दरारें आ गई है। पंचायत ने घटिया कार्य कराया है। कार्य की जांच कराने ग्रामीणों ने मांग की है। ग्रामीण कहते है कि आजादी के दशकों बाद भी जनप्रतिनिधियों ने गांव में विकास के कई वायदे किए थे लेकिन आज तक गांव में कोई विकास कार्य नहीं कराए है। जिससे गांव पिछड़ा हुआ है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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