नरसिंहपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी से चल रहे ई-उपार्जन पोर्टल के मेंटनेंस-अपडेशन का कार्य पूरा नहीं हो सका है और फिलहाल दो दिन और पोर्टल बंद रहेगा। जिससे समर्थन मूल्य पर आनलाइन मूंग की खरीदी का कार्य बाधित रहेगा और 26 जुलाई से ही कार्य सुचारु होने की संभावना है। जिले के 25 केंद्रों पर मूंग उपार्जन का कार्य बाधित रहने से उन किसानों की चिंता बढ़ गई है जिन्हें मैसेज मिलने के बाद उपज का विक्रय करना है। करीब पांच दिन से पोर्टल का कार्य चल रहा है जिसके कारण केंद्रों पर कामकाज ठप है।

जिले भर में समर्थन मूल्य पर मूंग का विक्रय करने के लिए करीब 42 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। लेकिन अभी तक तकरीबन ढाई-तीन हजार किसानों से ही खरीदी का कार्य हो सका है और लगभग 39 हजार किसानों से खरीदी का कार्य शेष है। 25 केंद्रों पर मूंग उपार्जन के लिए बीते दिनों तक 7 हजार 959 किसानों को मैसेज मिल गए है लेकिन पोर्टल के कार्य न करने से मैसेज मिलने के बाद भी किसान अपनी उपज का विक्रय नहीं कर पा रहे है। पूर्व में कृषि विभाग के अधिकारियों ने भोपाल एनआइसी से मिली जानकारी के आधार पर गुरुवारसे कार्य सुचारु चलने की बात कही थी। लेकिन कार्य पूरा न होने से गुरुवार को भी सभी 25 केंद्रों पर कामकाज ठप रहा। अब आसार यह बन रहे है कि कार्य शुक्रवार को भी पूरा होने की संभावना कम है और फिर 24 व 25 जुलाई को अवकाश होने से खरीदी का कार्य 26 जुलाई से ही शुरु होने की संभावना रहेगी। ई उपार्जन पोर्टल के मेंटनेंस-अपडेशन कार्य ने खरीदी कार्य को प्रभावित कर दिया है।

किसान घाटा उठाकर मंडियों में कर रहे सौदाः जिले में मूंग उत्पादक किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। पहले बारिश से मूंग की फसल को नुकसान होने के साथ ही उपज की चमक खराब हो चुकी है। समर्थन मूल्य पर जो खरीदी हो रही है उसमें भी किसान समय पर उपज का विक्रय नहीं कर पा रहे है। किसानों का कहना है कि पूर्व में हुई बारिश ने उपज को जो नुकसान किया है उसके कारण ही उन्हें मंडियों में घाटा उठाकर उपज बेंचना पड़ रही है। समर्थन मूल्य के केंद्रों में एफएक्यू मानक के अनुसार खरीदी हो रही है। लेकिन अधिकांश किसानों की उपज में दाने की चमक फीकी है और क्वालिटी में अंतर आया है। जिससे उनके लिए उपज बेंचने मंडिया ही एकमात्र विकल्प बची हैं। यही वजह है कि जिले की मंडियों में मूंग की आवक काफी हो रही है। गुरुवार को करेली मंडी में करीब 1500 बोरा मूंग की आवक रही और यहां 4500 से 6250 रूपये प्रति क्विंटल तक मूंग के दाम रहे। वहीं गाडरवारा में 3801 रूपये प्रति क्विंटल से सौदा शुरू हुए और अधिकतम 6360 रूपये प्रति क्विंटल तक दाम पहुंचे। किसानों का कहना है कि केंद्रो पर खरीदी यदि सुचारु चलती और खरीदी के मानक में क्वालिटी को लेकर यदि थोड़ी गुजांइश रहती तो उन्हें नुकसान उठाकर उपज न बेंचना पड़ती। वहीं कई किसान तत्काल भुगतान की चाह में केंद्रों पर न जाकर मंडियों में उपज का विक्रय करने लाचार हो रहे है।

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पोर्टल का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। इसलिए खरीदी बंद है। अभी तक 28 हजार क्विंटल से ज्यादा खरीदी हो गई है। कुछ आफलाइन भी खरीदी हुई थी। संभावना है कि 26 जुलाई से ही पोर्टल खुलने पर खरीदी सुचारु चलेगी।

राजेश त्रिपाठी, उपसंचालक कृषि नरसिंहपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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