नरसिंहपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नौ दिन तक भक्तिभाव के साथ शक्ति की साधना करने के बाद जिले में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम चल रहा है। दशमी से शनिवार की शाम तक जिले में बने विसर्जन कुंडो के जरिए 250 से ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है। नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के कुंडो पर प्रशासन का अमला सुरक्षा इंतजामो के साथ तैनात है। शनिवार को सुबह से शाम तक सड़कों पर देवी प्रतिमाओं को श्रद्घालु विसर्जन के लिए नाचते-गाते, जयकारे लगाते हुए विसर्जन स्थलों तक ले गए और विधि विधान से आरती पूजन किया। जिले में प्रतिमा विसर्जन दौरान सुरक्षा के लिए करीब एक हजार जवानों का बल तैनात किया गया है।

जिले भर में नर्मदा सहित अन्य नदियों व शहरी क्षेत्रो में सुरक्षित स्थानों पर देवी प्रतिमाओं का विसर्जन कराने के लिए कुंड बने है। जहां पर प्रशासन की गाइड लाइन के अनुसार प्रतिमा विसर्जन कराया जा रहा है। जिला मुख्यालय की प्रतिमाओं का विसर्जन मुशरान वन में बने कुंड पर कराया जा रहा है जिसमें बोरवेल से पानी भरा गया है। साथ ही एक कुंड नर्मदा के चिनकी घाट पर बना है। दोनों स्थानों पर नगर पालिका, पुलिस, पंचायत का अमला तैनात है। तैराक दल की मौजूदगी में अमले द्वारा ही प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा रहा है। इसी तरह जिले के प्रमुख तीर्थक्षेत्र बरमान में गोपाल घाट के पास विसर्जन कुंड में प्रतिमाओं का विसर्जन हो रहा है। जबकि पलोहा-तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के तहत आने वाले ककराघाट में कुंड बना है। इसी तरह गाडरवारा में शक्कर नदी के छिड़ावघाट पर नगर पालिका एवं पुलिस अमले की मौजूदगी में प्रतिमाएं विसर्जित हो रही है। गोटेगांव, करेली, सांईखेड़ा थाना क्षेत्र में भी प्रतिमा विसर्जन का कार्य व्यापक सुरक्षा प्रबंध के साथ हो रहा है। सीएमओ नरसिंहपुर केव्ही सिंह ने बताया कि मुशरान वन व चिनकी में स्थित कुंड पर समितियों के सदस्य पूजन करने के बाद विसर्जन के लिए प्रतिमाएं अमले को सौंप रहे है। जिले में अलग-अलग तिथियों में प्रतिमाओं की स्थापना होने के अलावा मंडलो द्वारा भीड़ से बचने के लिए भी प्रतिमाओं का विसर्जन रूक-रूककर किया जाता है। जिससे दशमी से शुरू होकर प्रतिमा विसर्जन का क्रम जिले में करीब 4 दिनों तक चलता रहता है।

जवारों के साथ प्रतिमा की शोभायात्राः तेंदूखेड़ा। क्षेत्र में शनिवार को देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम दिनभर चलता रहा। लोगों ने अपने घरों के सामने रांगोली-कलश सजाकर शोभायात्रा का सत्कार किया। नगर के प्राचीन हरसिद्घि माता मंदिर से जवारों के साथ देवी प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें नगर के सभी लोगों की भागीदारी रही। ग्राम मदनपुर में रखी प्रतिमाओं को भी धूमधाम से कुंडो में विसर्जित किया गया।

रावण का पुतला जला, जयश्रीराम का जयघोषः नगर के चर्च ग्राउंड में सनातनी हिंदू उत्सव समिति द्वारा 30 फीट लंबे रावण के पुतले का दहन किया गया। श्रीराम लक्ष्मण, हनुमान की झांकी बनाई गई। जिसमें श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान बने बच्चों का पूजन कर उनके जरिए रावण के पुतले का दहन कराया गया। ग्राउंड में रावण के पुतले का दहन देखने श्रद्घालुओं, दर्शकों की खासी भीड़ रही। जैसे ही रावण का पुतला जला तो समूचा ग्राउंड जयश्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में समिति पदाधिकारियों के साथ ही सभी सदस्यों, नगर से सभी वर्गो के लोगों की सहभागिता रही। पुलिस प्रशासन भी इस दौरान व्यवस्था में सक्रिय रहा।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local