नरसिंहपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। किसानो से समर्थन मूल्य पर धान-ज्वार, बाजरा की खरीदी करने जिले में करीब एक माह चली पंजीयन प्रक्रिया बंद हो गई है। जिले की 6 तहसीलों में 21069 पंजीयन हुए है जो बीते वर्ष के 21 हजार 21 पंजीयन से महज 48 ज्यादा है। वहीं गाडरवारा-चीचली क्षेत्र के कई किसान कह रहे है कि पंजीयन 15 अक्टूबर तक होना था लेकिन सर्वर पर 14 अक्टूबर की सुबह से ही कार्य बाधित रहा और कई किसान पंजीयन से वंचित रहे।

जिले में गाडरवारा, सांईखेड़ा, गोटेगांव तहसील क्षेत्र में धान का रकबा सर्वाधिक है। जिससे इस बार भी जिले में बने 69 केंद्रों में से सर्वाधिक पंजीयन इन्हीं तीन तहसीलो में हुए है। वहीं करेली और तेंदूखेड़ा क्षेत्र में सबसे कम पंजीयन हुए है। जिले में धान के अलावा ज्वार का रकबा भी करीब 20-22 हजार हेक्टेयर में है लेकिन पंजीयन के आंकड़े कह रहे है कि समर्थन मूल्य पर उपज बेंचने में ज्वार उत्पादक किसानों ने रूचि नहीं दिखाई है। यही वजह है कि ज्वार के पंजीयनो की संख्या महज 158 के आंकड़े पर सिमटकर रह गई है। बाजरा के मामले में तो स्थिति और भी खराब है सिर्फ करेली तहसील में बाजरा के पंजीयन का खाता खुला है और एक किसान ने ही पंजीयन कराया है। जिससे अधिकारियों को भी लग रहा है कि पंजीकृत किसान उपज लेकर केंद्र आएगा भी या नहीं इस पर संशय रहेगा। क्योंकि जिले की मंडियो के साथ ही फुटकर बाजार में बाजरा की मांग अधिक रहती है और बाजरा की खेती का रकबा भी बेहद सीमित है। ज्वार की स्थिति भी यही है, मोटे अनाज में शामिल ज्वार का उत्पादन पूर्व वर्षो के मुकाबले काफी घटने से स्थानीय बाजारो और मंडियो में ही ज्वार को अच्छे दाम मिल जाते है। ज्वार की खेती अधिकांश तौर पर पहाड़ी और वनक्षेत्रो से लगे ग्रामों के किसान करते है जो अपनी उपज को ज्यादातर आसपास के व्यापारियों और मंडियो में ही बेंच देते है। किसानों के समक्ष यह समस्या भी रहती है कि केंद्रो के जरिए उपज बेंचने के बाद भुगतान होने में समय लगेगा जबकि किसानों को नकद रकम की जरुरत होती है।

रात के 12 बजते ही सर्वर बंदः एक माह तक चलने के बाद बंद हुए पंजीयन कार्य के बावजूद किसान निराश है और कह रहे है कि वह सर्वर की खराबी से पंजीयन नहीं करा पाए है। चीचली-छैनाकछार केंद्र से जुड़े किसान आशीष शर्मा हीरापुर, ओंकार प्रसाद बसेड़िया गांगई, हेमंत ठाकुर, रितुराज कौरव हीरापुर आदि कहते है कि सर्वर ठीक से कार्य न करने के कारण कई बार प्रयास करने के बाद भी उनके पंजीयन नहीं हो सके। 14 अक्टूबर को भी दिन के समय ही सर्वर कार्य नहीं कर रहा था। शासन-प्रशासन उन किसानों के लिए पंजीयन की तिथि बढ़ाकर राहत दे जो सर्वर की समस्य से पंजीयन कराने से वंचित हो गए हैं। जिससे सभी किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेंच सके। वहीं जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारी कह रहे है कि सर्वर में पंजीयन को लेकर कोई खराबी नहीं रही है। 14 अक्टूबर की रात 12 बजते ही सर्वर बंद हुआ था। पिछले साल से इस बार थोड़े ही सही लेकिन पंजीयन ज्यादा है।

पंजीयन की तहसीलवार स्थितिः गाडरवारा तहसील में 10374, गोटेगांव में 4556, सांईखेड़ा में 4012, नरसिंहपुर 1115, करेली 760, तेंदूखेड़ा में सबसे कम 252 पंजीयन हुए। जिले भर में धान के कुल 21069 पंजीयन में धान के 20 हजार 978, ज्वार के 158 पंजीयन रहे। बाजरा का महज एक पंजीयन करेली तहसील से रहा। ज्वार में तेंदूखेड़ा से महज 2 पंजीयन रहे।

वर्जन

पंजीयन सर्वर 14 अक्टूबर की रात 12 बजे बंद हुआ था और कार्य दौरान खराबी जैसी कोई समस्या नहीं रही है। पंजीयन तिथि बढ़ने के संबंध में फिलहाल शासन से ऐसे कोई आदेश नहीं है। पिछले साल से इस बार पंजीयन ज्यादा है।

राजीव शर्मा, जिला आपूर्ति अधिकारी नरसिंहपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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