नरसिंहपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शरद पूर्णिमा पर बुधवार को जिले भर में सुबह से शाम तक धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन चलता रहा। पूर्णिमा स्नान के लिए जहां सुबह से ही जिले के सभी प्रमुख नर्मदा तटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। वहीं महिलाओं ने दिनभर पूर्णिमा का व्रत करते हुए शाम को तुलसीजी का पूजन करते हुए व्रत की कथा सुनी, मावा से बने लड्ढूओं का भोग लगाया। मंदिरों में भी पूर्णिमा के आयोजनों की धूमधाम चलती रही, रात को जगह-जगह दूध, खीर, प्रसाद का वितरण किया गया।

जिले में बुधवार को शरद पूर्णिमा के कारण काफी चहल-पहल रही। पूर्णिमा व्रत पर पूजन के लिए मावा और लड्डूओं की खरीदी करने मिष्ठान दुकानों, मावा विक्रेताओं के यहां लोगों की आवाजाही अधिक रही। वहीं नर्मदा के बरमान, सतधारा, झांसीघाट, सांकल, बुधगांव, जमुनिया, चिनकी, महादेव पिपरिया, ककरा, हीरापुर आदि घाटों पर स्नान के लिए काफी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। नर्मदा का जलस्तर घटने से लोगों को स्नान करने के दौरान ज्यादा परेशानियां नहीं रही लेकिन घाटों पर गहराई अधिक होने से लोगों ने सावधानियां बरतते हुए स्नान किया और घाटों पर बने मंदिरों में पूजन किया। महिलाओं में पूर्णिमा को लेकर खासा उत्साह रहा और कई महिलाओं ने पूर्णिमा से व्रतों की शुरूआत की। जबकि पूर्व से व्रत कर रहीं महिलाओं ने स्वजनों और आसपास की महिलाओं के साथ सामूहिक रूप से तुलसीजी के पौधे के साथ भगवान सत्यनारायण व व्रत की कथा सुनी। लड्ड्‌ओं का भोग लगाकर व्रत की विधि अनुसार लड्ड्‌ओं और प्रसाद का वितरण किया। पति की लंबी आयु, संतान की खुशहाली के लिए कामनाएं की।

Posted By: Nai Dunia News Network

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