नरसिंहपुर/तेंदूखेड़ा/सिहोरा (नईदुनिया न्यूज)। जिले भर में जैन समाज के लोगों ने आचार्य विद्यासागर का 75वां जन्मदिवस बुधवार को उपकार दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर विविध धार्मिक सांस्कृतिक और सेवाकार्य किए गए। तेंदूखेड़ा के जैन मंदिर में मुनि कुंथुसागर के सानिध्य में कार्यक्रम किए गए। जिसमें श्री महावीर दिगंबर जैन पाठशाला की बालिकाओं ने अष्टद्रव्य से आचार्य के तैल चित्र का पूजन कर भक्ति भावना अर्पित की।

इस मौके पर मुनि ने कहा कि जैसे शरद पूर्णिमा को आकाश में पूर्ण धवल चंद्रमा अपनी स्वच्छ धवल किरणो से धरती पर अमृत बिखरेता है और जीवों के ह्दयों को प्रफुल्लित करता है उसी तरह 10 अक्टूबर 1946 को कर्नाटक के सदलगा ग्राम में आचार्य विद्यासागर का शरद पूर्णिमा को जन्म हुआ। पूर्णिमा के चंद्रमा के समान पूरे संसार में सम्यक दर्शन, ज्ञान, चारित्र रूपी उज्जवल धवल अमृतमयी किरणो से संसार के प्राणियों को वह आलोकित कर रहे है। मुनि ने कहा कि गुरू के उपकार का वर्णन शब्दों से करना संभव नहीं है। मेरे ऊपर तो गुरू का सबसे बड़ा उपकार यह है कि उन्होंने मेरे ऊपर महान कृपा करके मुझे दिगंबरी दीक्षा प्रदान की एवं मोक्ष मार्ग का पथिक बनाया। किसी जीव को मोक्ष मार्ग में लगा देना उसके ऊपर सबसे बड़ा महान उपकार होता है। मुनि ने आचार्य द्वारा लिखित मूक माटी महाकाव्य सहित अन्य ग्रंथो का महत्व बताया। आचार्य श्री द्वारा कराए जा रहे कार्यो की जानकारी विस्तार से दी। इस मौके पर डॉ. शचींद्र मोदी, डॉ. प्रकाश जैन, चौ. प्रदीप कुमार स्वदेशी, संजय, पं. कमल कुमार शास्त्री ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन महीष मोदी ने किया।

सिहोरा में खीर का वितरणः ग्राम सिहोरा में आचार्य विद्यासागर के जन्मदिवस पर सकल दिगम्बर जैन समाज सिहोरा एवं नवयुवक युवक मंडल द्वारा भव्य प्रसादी वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया।,जिसमे समस्त दिगंबर जैन समाज द्वारा खीर का वितरण किया गया। कार्यक्रम मे बड़ी संख्या मे ग्राम के लोगो ने भाग लेकर प्रसाद लिया।

-

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local