Narsinghpur News :नरसिंहपुर (नई दुनिया प्रतिनिधि)। गाडरवारा क्षेत्र निवासी एक ग्रामीण का आरोप है कि उसने सात वर्ष पूर्व हुई बेटे की संदिग्ध मौत के मामले में जांच कराने तीन बार सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें की थीं। लेकिन हर बार पुलिस अधिकारियों ने दबाब बनाकर उसकी शिकायतें बंद करा दीं। बीती 10 जनवरी को पुलिस अधीक्षक को शिकायत की थी। लेकिन उसके बाद भी मामले में कार्रवाई नहीं की गई है।

मामला यह है कि गाडरवारा थाना क्षेत्र में वर्ष 2016 में प्रेमनारायण चौधरी का शव पेड़ से लटका मिला था। मृतक की गुमशुदी की सूचना थाना में दर्ज थी। उसके बाद भी पुलिस ने अंतिम संस्कार कर दिया। स्वजनों को घटना की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने मामले को आत्महत्या का बताया था। जबकि मृतक के पिता कलीराम उर्फ कल्याण अहिरवार द्वारा मामले की जांच करने मांग की जाती रही।ग्रामीण के अनुसार उसने सबसे पहले 14 अक्टूबर को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी। जिसे थाना में पदस्थ एसआइ एचआर मानकर ने 14 अक्टूबर को बंद करा दिया। उसके बाद दूसरी शिकायत 11 नवंबर को दर्ज कराई। जिसे थाना प्रभारी राजपाल सिंह बघेल ने बोदरी चौकी में पदस्थ राजेश तिवारी के जरिए थाना बुलाकर मोबाइल लिया और छह जनवरी को शिकायत बंद करा दी। उसने तीसरी शिकायत 21 दिसंबर को दर्ज कराई जिसे 30 दिसंबर को एसआइ अर्जुन सिंह बघेल ने दबाब बनाकर बंद करा दिया।इसके बाद उसने बीती 10 जनवरी को पुलिस अधीक्षक को पूरे घटनाक्रम की जानकारी के साथ आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मामले में जांच कराने डीएनए का सैंपल भेजा है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे कार्रवाई होगी।ग्रामीण की जो शिकायत है उसमें जांच करने एसडीओपी गाडरवारा को निर्देश दिए हैं।

विपुल श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर

Posted By: Jitendra Richhariya

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