नरसिंहपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के उत्तराधिकारी दोनों शंकराचार्यों का पट्टाभिषेक मुहूर्त निकालने अब नवरात्र के बाद बैठक होगी। यह बैठक परमहंसी गंगा आश्रम में बुधवार की शाम होना थी, लेकिन बाहर से संतों-संन्यासियों के शाम तक नहीं पहुंचने से यह बैठक टाली गई है।

परमहंसी गंगा आश्रम के ब्रह्मचारी अचलानंद महाराज ने बताया कि ज्योतिष बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एवं द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का पट्टाभिषेक श्रृंगेरी के शंकराचार्य भारती तीर्थ जी महाराज उनकी पीठों में जाकर अक्टूबर माह में करेंगे। जो माह के पहले पखवाड़े में होना तय माना जा रहा है। इस संबंध में आश्रम में बैठक होना थी, लेकिन बाहर से संतों, काशी विद्वत परिषद के आचार्यों व अन्य का नवरात्र के कारण आगमन नहीं हो सका है, इसलिए यह बैठक अब नवरात्र के बाद तय होगी।

ज्ञात रहे कि श्रृंगेरी में बीते 24 सितंबर को दोनों शंकराचार्यों का श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी भारती तीर्थजी महाराज एवं उनके उत्तराधिकारी शिष्य स्वामी विधुशेखर द्वारा अन्य संतों की मौजूदगी में अभिषेक किया था। ब्रह्मचारी अचलानंद के अनुसार श्रृंगेरी के शंकराचार्यजी ने यह भी उद्घोषित किया है कि दोनों नए शंकराचार्य के साथ मिलकर तीनों मठ एकजुटता से सनातन धर्म का कार्य करेंगे।

यहां से आने थे सदस्य: ब्रह्मचारी ने बताया कि बैठक में काशी, प्रयागराज, अयोध्या, ऋषिकेश, मथुरा-वृंदावन, जूनागढ़ आदि स्थानों से संतों को आना था। नवरात्र में ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेेश्वरानंद भी दिल्ली में हैं। परमहंसी में शंकराचार्य सदानंद सरस्वती व दोनों शंकराचार्यों के निज सचिव ब्रह्मचारी सुबुद्धानंद ही है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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