प्रकाश चौबे, नरसिंहपुर। नईदुनिया। गुड़ अब सिर्फ मीठा नहीं रहेगा बल्कि इसमें अदरक, इलायची का भी फ्लेवर मिलेगा। गन्ना उत्पादन के मामले में मध्य प्रदेश में अपनी पहचान बना चुके नरसिंहपुर जिले में जैविक पद्धति से उत्पादित गन्ना से बनाए जा रहे गुड़ को देश भर में बाजार देने तैयारी है। इसके लिए गुड़ के आउटलेट तैयार होंगे और जैविक गुड़ की कैंडी, जैगरी पाउडर, विनेगर जैसे उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे।

जिले में करीब 65 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में गन्नों का उत्पादन हो रहा है। इसमें 20 से 25 किसान 150 से 200 एकड़ रकबे में जैविक पद्धति से न केवल गन्नो का उत्पादन कर रहे हैं बल्कि जैविक गुड़ बनाने का काम भी कर रहे हैं। तीन साल से जैविक गन्नाा उत्पादन करने वाले गोलगांव के किसान योगेश कौरव कहते हैं कि अभी 20 एकड़ में जैविक गन्नाा लगा है, 10 एकड़ में रकबा और बढ़ाना है।

उन्होंने जिले में सबसे पहले गुड़ का एक्सपोर्ट लायसेंस भी बनवाया था। मुंबई-गुजरात के वेंडर के जरिये वे आधा से लेकर एक किलो तक के गुड़ के पैकेट तैयार करते हैं। उनके गुड़ की आपूर्ति अमेरिका, यूएई, श्रीलंका और सिंगापुर तक होती है। योगेश कहते हैं कि उन्होंने पांच ग्राम गुड़ वाली कैंडी भी तैयार की और अभी कुछ मशीनों मंगाई गई हैं।

इनसे अलग-अलग फ्लेवर में गुड़ बनाया जा सकेगा। यह सही है कि इसकी कीमत सामान्य गुड़ से थोड़ी ज्यादा होगी लेकिन इसे पसंद करने वाले लोग महंगा गुड़ लेने को तैयार हैं। ग्राम खैरी बघोरा के किसान नीरज पटेल कहते हैं कि जैविक गुड़ के फायदे जानकर उन्होंने अभी एक एकड़ में गन्ना लगाया है। इसका रकबा बढ़ाएंगे। बटेसरा के किसान युवराज सिंह कहते हैं कि जैविक गुड़ बेचने के लिए बाजार नहीं मिलता जिससे मजबूरी में स्थानीय मंडी में ही बेचना पड़ता है। यदि जैविक गुड़ के लिए बाजार मिलेगा तो किसानों को फायदा होगा।

किसानों ने कहा-पोर्टल-हाट बाजार मिले

उपसंचालक कृषि राजेश त्रिपाठी कहते हैं कि जैविक खेती करने वाले किसानों के साथ कलेक्टर की बैठक हुई थी। इसमें किसानों ने मांग की है कि इसकी ऑनलाइन बिक्री के लिए पोर्टल बनाया जाए। साथ ही गाडरवारा, करेली, नरसिंहपुर, गोटेगांव में हाट बाजार की व्यवस्था हो। गुड़ परीक्षण के लिए लैब व भूमि पंजीयन प्रमाण पत्र का व्यय कम हो। जनवरी में गुड़ फेस्टिवल गुड़ की ब्रांड वैल्यू बढ़ाने के लिए गुड़ फेस्टिवल मनाए जाने की भी योजना है। इसमें देश के कई राज्यों से शोधकर्ता, विशेषज्ञ बुलाए जाएंगे।

नरसिंहपुर के कृषि विज्ञानी डॉ. आशुतोष शर्मा कहते हैं हम रेलवे स्टेशनों पर इसके स्टॉल लगाकर, विज्ञापन कराकर किसानों को लाभ पहुंचा सकते हैं।

इनका कहना है

गुड़ की ब्रांडिंग करवाने के लिए योजना बनी है जिससे जिले के जैविक गुड़ को अच्छा बाजार मिले।

वेदप्रकाश, कलेक्टर, नरसिंहपुर

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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