उमरिया(नईदुनिया प्रतिनिधि)। एक आदिवासी की मौत के बाद उसके शव को मोटरसाइकिल में रस्सियों से बांधकर गांव ले जाने के मामले की जांच सिविल सर्जन और एसडीएम मानपुर करेंगे। यह आदेश बुधवार को कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने दिया है। संजीव श्रीवास्तव ने इस बारे में चर्चा करते हुए कहा कि उनके संज्ञान में यह बात आई है कि मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक आदिवासी का शव मोटरसाइकिल में रस्सी से बांधकर गांव ले जाया गया था। यह स्थिति क्यों निर्मित हुई इसकी जांच कराने का आदेश उन्होंने दिया है। जांच का प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद वे इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई भी करेंगे। इतना ही नहीं कलेक्टर ने दो शव वाहन भी आवंटित कर दिए हैं जो मानपुर और नौरोजाबाद के लिए होंगे।

यह है घटनाः मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आदिवासी की मौत के बाद उसके शव को परिजन मोटरसाइकिल में रस्सी से बांधकर ग्रह ग्राम पतौर ले गए थे। मानपुर मुख्यालय के ग्राम पतौर निवासी सहजन कोल पिता छोटकनी कोल उम्र 35 वर्ष को अचानक पेट मे दर्द हुआ जिसे समुचित इलाज के लिये मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। जहां डॉक्टर के देखने के बाद भी अस्पताल परिसर में ही तड़प तड़प कर आदिवासी की मौत हो गई थी। असहाय गरीब आदिवासी परिजन एक दूसरे का मुह देखते रह गए। अंततः लाश लेकर उन्हें घर की ओर अकेले निकलना पड़ा।

बाइक में ले गए थे लाशः मानपुर विधानसभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शव वाहन न होने के कारण आये दिन गरीब असहाय आदिवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जहां साइकल व मोटरसाइकल में लाश लाने ले जाने में आदिवासी मजबूर होते हैं। ऐसा ही जब पतौर निवासी आदिवासी युवक की इलाज के आभाव में मौत हो गई तो मजबूर परिजनों को मोटरसाइकल में लाश को रस्सी से बांध कर ले जाना पड़ा।

25 किमी ले गए लाशः मृतक जस गांव का रहने वाला था वह गांव बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर रेंज में है। यह गांव मानपुर से लगभग 25 से 30 किलोमीटर की दूरी पर है। मृतक के शव को मानपुर से पतौर तक मोटरसाइकिल पर उसके साले कालीचरण लेकर गए थे। सहजन कोल जब सुबह बीमार हुआ तो उसे इसी तरह बाइक में ही उसके साले लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। बताया गया है कि मौके पर कोई डॉक्टर नहीं था लेकिन बाद में एक चिकित्सक ने सहजन कोल को देखा था। पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाया। इस मामले में सीएमएचओ आरके महरा का कहना है कि मृतक को उपचार दिया गया था लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

पीलिया से हुई मौतः इस मामले में मृतक आदिवासी सहजन पिता छोटकनी कोल निवासी ग्राम पतौर के साले काली चरण का कहना है कि उसके मृत जीजा पीलिया नल बीमारी की गिरफ्त में थे। मंगलवार की सुबह तकरीबन 8 बजे अपने बेटे मोहित लाल,पत्नी कलावती कोल एवम ससुर केसला कोल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर इलाज के लिए आया था। ड्यूटी डॉक्टर ने मरीज की हालत देखकर ड्रिप लगाकर इलाज तो शुरू कर दिया परन्तु मरीज की बेहतर हालत न होने की वजह से मरीज को तत्काल जिला अस्पताल रेफेर कर दिया गया। मृतक के साले कालीचरण का कहना है कि जीजा को उमरिया ले जाने के लिये परिजन ऑटो की व्यवस्था कर रहे थे इसी बीच मरीज की मौत हो गई। बाद में शव को घर ले जाने निजी वाहन की व्यवस्था नही होने पर दो पहिया वाहन में ही मजबूरीवश ले जाना पड़ा।

दो शव वाहन आवंटितः इस घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर उमरिया ने दो शव वाहन आवंटित किए हैं। एक शव वाहन मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को आवंटित किया गया है जबकि दूसरा शव वाहन नौरोजाबाद स्वास्थ्य केंद्र के लिए आवंटित किया गया है। यह दोनों वाहन कलेक्टर ने रेड क्रॉस सोसाइटी से आवंटित किए हैं। शव वाहन मिल जाने के बाद इस तरह की समस्या से आदिवासी जिले के लोगों को छुटकारा मिल जाएगा। मानपुर क्षेत्र में लोगों को उस समय और अधिक कठिनाइ का सामना करना पड़ता था जब दुर्घटना में मौत के बाद किसी शव का पीएम कराना होता था। खासतौर से इंदवार थाना क्षेत्र और अमरपुर चोकी के लोगों के सामने मुश्किल उत्पन्न हो जाती थी। क्योंकि यह क्षेत्र मानपुर से लगभग 40 से पचास किलोमीटर की दूरी पर है।

बाइक पर शव के मामले में कांग्रेस ने उठाए सवालः जिले के मानपुर जनपद के ग्राम पतौर मे इलाज के अभाव मे जान गवाने वाले आदिवासी सहजन कोल को शव वाहन उपलब्ध न कराये जाने के घटना की कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है। जिला कांग्रेस कमेटी के सह जिला प्रवक्ता वरूण नामदेव ने बताया कि सहजन कोल को पेट मे दर्द की शिकायत के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मानपुर लाया गया था, जहां डाक्टर न होने के कारण इस 35 वर्षीय युवक की असमय मौत हो गई। जिसके बाद शव वाहन उपलब्ध न कराये जाने के कारण जवान युवक की मौत से बदहवास परिजनो को उसकी लाश बाइक पर बांध कर घर ले जाना पड़ा। कांग्रेस ने कहा है कि यह घटना प्रदेश मे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बताने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के दावों की कलई खोल रही है। मुख्यमंत्री से जमीनी हकीकत को पहचानने और मानपुर मे हुई इस अमानवीय घटना के दोषियों को दण्डित करने तथा मृतक युवक के आश्रितों को 4 लाख रूपये की सहायता प्रदान करने की मांग की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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